तारीख 16 दिसंबर 2025। बैतूल के भैंसदेही थाना क्षेत्र के घुघरी गांव में राजू उईके की लाश मिली थी। पहली नजर में ही ये हत्या का केस था। पुलिस ने जब जांच की तो खुलासा हुआ कि राजू की पत्नी पूनम ने ही अपने प्रेमी और उसके दो साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। इसी तरह इसी साल अप्रैल में बुरहानपुर में एक पत्नी ने प्रेमी और साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद पत्नी ने प्रेमी को वीडियो कॉल किया और प्रेमी को डेडबॉडी दिखाते हुए कहा था कि काम हो गया। ये सिर्फ दो मामले नहीं बल्कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो( एनसीआरबी) के डेटा के मुताबिक मध्य प्रदेश में पिछले 5 साल में करीब 87 से ज्यादा पतियों की हत्या हुई हैं। इन सभी मामलों में पत्नियों ने ही अपने प्रेमी या साथियों की मदद से पतियों को मौत के घाट उतारा था। खास बात ये है कि पतियों की हत्या के लिए पत्नियों ने अलग-अलग तरीके इस्तेमाल किए। किसी ने जहर दिया, तो किसी ने गला घोंटकर हत्या कर दी। पत्नियां सुपारी देकर हत्या करवाने में भी पीछे नहीं रही। आखिर ऐसे कौन से कारण होते हैं जिनकी वजह से पत्नियां इतना खौफनाक कदम उठा रही है और इसके पीछे क्या साइकोलॉजी है? ये समझने के लिए भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 5 केस जिसमें पत्नियों ने पतियों को मौत के घाट उतारा राजधानी भोपाल में रहने वाले बीएचईएल के रिटायर्ड अधिकारी जार्ज कुरियन की हत्या में पत्नी बिट्टी का बड़ा हाथ था। पत्नी ने ही अपनी सहेली और उसके पति को 10 लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी थी। हत्या के पहले पत्नी ने पति की आंखों में आई ड्रॉप डालकर 10 मिनट तक आंख बंद करने को कहा। रिटायर्ड अधिकारी ने जैसे ही आंख बंद की पत्नी का प्रेमी संजय पाठक और दोस्त कमरे में घुसे और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। पूछताछ में पत्नी ने पहले पुलिस को बताया कि उसके पति की मौत बाथरूम में फिसलने के कारण हुई है। जार्ज की उम्र 65 और पत्नी की उम्र 32 साल थी। मकान पेंशन और संपत्ति के लालच में पति हत्या की साजिश रची थी। बाद में पत्नी बिट्टी के ने बताया, जॉर्ज उसकी हर गतिविधि पर नजर रखते, बाहर जाने, किसी से बात करने तक पर टोकते थे, जबकि खुद अन्य महिलाओं के संपर्क में रहते थे। 13 अप्रैल को बुरहानपुर के आईटीआई कॉलेज के पास एक युवक की लाश मिली। एक दिन पहले वह पत्नी के साथ बाजार गया था तब से गायब था। पुलिस ने खुलासा किया कि राहुल की हत्या की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। बाजार से लौटते समय राहुल को बाइक रोकने के लिए पत्नी ने कॉलेज के पास अपनी चप्पल गिरा दी। जैसे ही बाइक रुकी पीछे से आ रहे प्रेमी के दो साथियों ने राहुल पर हमला कर दिया। उसकी पत्नी ने पास पड़ी एक बीयर की बोतल से उसके सिर पर वार किया और उसे एक गड्ढे में धकेल दिया। हमलावरों ने राहुल की गर्दन, पीठ, पेट और सिर पर 36 बार चाकू से वार किए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद पत्नी ने अपने प्रेमी युवराज को वीडियो कॉल किया। उसने युवराज से कहा, “काम हो गया है,” और उसे राहुल का खून से लथपथ शव दिखाया था। 7 अक्टूबर 2025 की रात शुजालपुर के भैंसायागढ़ा गांव में पत्नी रेखाबाई ने अपने प्रेमी बंटी अहिरवार के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पहले सोते समय पति अनोखीलाल अहिरवार का गला दबाया गया, फिर चाकू से गला रेत दिया गया। हत्या के बाद शव को घर के बाहर फेंक दिया गया। हत्या के समय उसका बेटा पास ही सो रहा था, जिसने घटना देखा लेकिन डरकर पहले बता नहीं पाया। जांच में सामने आया कि रेखाबाई और बंटी के बीच 2 साल से प्रेम संबंध थे। अनोखीलाल ने पत्नी प्रेमी से दूर रहने की हिदायत दी थी, जो रेखाबाई को पसंद नहीं आया और उसने प्रेमी के साथ मिलकर रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया। 7 अक्टूबर 2025 की तड़के नर्मदापुरम के रोहना गांव में करवाचौथ से पहले सेवंतीबाई ने अपने पति राजू धुर्वे की हंसिए से गला काटकर हत्या कर दी। मारने के बाद शव को घसीटकर घर के पास ही खेत में फेंक दिया और घर में फैले खून को साफ कर दिया। वारदात के समय घर में 5 बच्चे सो रहे थे। सुबह होते ही बच्चों को लेकर मायके चली गई। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। आरोपी सेवंतीबाई ने बताया कि उसके 5 बच्चे है। उसने राजू धुर्वे से 7 साल पहले लव मैरिज की थी। शादी से पहले वह अच्छी-अच्छी बातें करता था। शादी के बाद समय अनुसार तीन बेटियों का जन्म हुआ। इसके बाद दो बेटे भी हुए। पति नशे का आदी था। शराब के नशे में पत्नी और बच्चों को मारता था। गुना के बंजारी बर्री गांव में कैलाश बंजारा की मौत हो गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी सम्पो बाई ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान परिजनों को गले पर रस्सी जैसे निशान भी दिखे थे, जिसके बाद परिजनों को पत्नी पर शक हो गया। परिवार और समाज की मांग पर गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में उसकी पत्नी सम्पो बाई ने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रेमी प्रदीप भार्गव के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। उसने बताया कि पहले पति को नींद की गोलियां दी गईं और फिर रस्सी से गला दबाया गया। पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। ये मामले भी सुर्खियों में रहे मध्य प्रदेश में 5 साल में 87 पतियों की हत्या
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश के पांच राज्य-उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में पिछले 5 सालों में 785 पतियों की हत्या उनकी पत्नियों ने की। इनमें मध्यप्रदेश में 2020 से 2024 के बीच 87 पतियों की हत्या के मामले सामने आए। साल 2020 में 12, 2021 में 15, 2022 में 18, 2023 में 20 और 2024 में 22 ऐसे मामले दर्ज हुए। 2022 से 2025 के बीच 15 हाई-प्रोफाइल मामलों के एनालिसिस से हत्या के तरीकों का एक पैटर्न सामने आया है। इनमें से 40 फीसदी मामलों में जहर देकर हत्या की गई। वहीं 25 फीसदी मामलों में गला घोंटकर हत्या का तरीका अपनाया गया। वहीं 15 फीसदी हत्याएं सुपारी देकर कराई गईं। ‘भाई’ भोपाल को मिल रहीं हजारों शिकायतें
सेफ इंडिया फैमिली के अंतर्गत भोपाल में कार्यरत भाई वेलफेयर सोसाइटी वर्ष 2013 से पुरुष प्रताड़ना के मामलों पर काम कर रही है। संस्था की डिजिटल हेल्पलाइन पर कार्यस्थल उत्पीड़न, कम अवधि की शादियों के विवाद, दशकों पुरानी शादियों में अलगाव और गंभीर हिंसा से जुड़ी शिकायतें आती हैं। संस्था के नितिन तलवार बताते हैं, ‘हमारे पास ऐसे मामले आए हैं, जहां सुहागरात पर युवक को पता चला कि उसकी पत्नी गर्भवती है। कुछ मामलों में शादी से पहले मानसिक बीमारी की जानकारी छिपाई गई। ऐसे हालात में पुरुष पूरी तरह फंस जाता है।’ समाज से सपोर्ट मिलने के बारे में पूछने पर नितिन बताते हैं कि ‘समाज से हमें लगभग कोई समर्थन नहीं मिलता। आज भी हम कई बार समाज के लिए मजाक का विषय बने रहते हैं।’ एक्सपर्ट बोले- सोशल मीडिया से सीख रहे मारने के तरीके
क्या इन अपराधों को रोका जा सकता है? क्या किसी व्यक्ति के व्यवहार से उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को पहचाना जा सकता है? इन सवालों पर हमने मनोचिकित्सक डॉ. जे.पी. अग्रवाल से बात की। डॉ. अग्रवाल कहते हैं, पार्टनर की हत्या में महिलाएं और पुरुष, दोनों तरह के मामले सामने आते हैं। बदलते समाज में महिलाओं में जागरूकता के साथ-साथ कुछ मामलों में नकारात्मकता और ओवर एग्रेशन भी आया है। सोशल मीडिया से लोग किसी को नुकसान पहुंचाने के तरीके आसानी से सीख रहे हैं, जिससे ऐसे मामले बढ़े हैं। वे आगे कहते हैं, किसी को मारकर चबूतरे में गाड़ देना या ड्रम में डाल देना, ऐसे जघन्य अपराध करने वाले लोग सामान्य व्यक्तित्व के नहीं होते। यह साइकोपैथिक या एंटी-सोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से ग्रसित लोगों का काम होता है। इन लोगों में पछतावा या सहानुभूति की भावना नहीं होती। नशा इन प्रवृत्तियों को और भी खतरनाक बना देता है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, पर्सनैलिटी और साइकोलॉजिकल असेसमेंट के जरिए यह पहचाना जा सकता है कि किसी व्यक्ति में एंटी-सोशल या क्लस्टर-बी पर्सनैलिटी के लक्षण हैं या नहीं।


