भास्कर न्यूज |बारियातू प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में स्वामी विवेकानंद की जयंती शनिवार को मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर प्रसाद, रूपलाल यादव, महेंद्र प्रसाद, प्रधानाचार्य जितेन्द्र राम ने संयुक्त रूप से मां शारदे, ओउम, भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर किया। अतिथि परिचय प्रधानाचार्य जितेंद्र ने कराया। स्वागत गीत मधुबाला दीदी खुशबू दीदी एवं सोनाली दीदी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर आचार्या वीणा देवी ने कहा कि स्वामी जी का बचपन से ही आध्यात्मिक की ओर झुकाव था। वे संगीत और दर्शन में रुचि रखते थे। रामकृष्ण परमहंस को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे। स्वामी जी ने 25 साल की उम्र में ही संन्यास ले लिए थे। जिसके कारण नाम स्वामी विवेकानंद पड़ा। स्वामी जी 1893 में शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में अपने भाषणों से अमेरिका में काफी लोकप्रिय बने थे। अध्यक्ष किशोर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वामी जी आत्मविश्वास ज्ञान की खोज,आत्म सुधार दूसरों की सेवा और सभी के साथ भाईचारे के बातों पर जोर देते थे। हमसभी को स्वामी जी के बताएं रास्ते पर चलना चाहिए। कार्यक्रम में एकल गीत नीतीश कुमार एवं दहेज प्रथा पर गीत वंदना दीदी ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन लक्ष्मण राम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य व दीदी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।


