अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण विचार और मिशन थे। 1998 के परमाणु परीक्षण इसका बड़ा उदाहरण हैं, जिसकी भनक अमेरिका, रूस या पाकिस्तान तक को नहीं लगी। यह अटलजी के निर्णायक और गोपनीय शासन की शैली थी। यह बात उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार काे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 100वें जन्म जयंती वर्ष पर डेली कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के फोन पर अटलजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि एक भी पाकिस्तानी सैनिक भारतीय धरती पर है तो उसका पूरी ताकत से प्रतिकार किया जाएगा। सीएम ने कहा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- उस दौर में 24 दलों काे साथ लेकर सरकार चलाना आसान काम था क्या? ममताजी को तो आज भी कंट्रोल करना मुश्किल है। जयललिताजी और बाकी पार्टियों के साथ अटलजी ने सरकार चलाई। सीएम ने किस्सा सुनाया कि जब एक वोट से सरकार गिरी, तब वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर ने अटलजी से कहा था कि हम मदद कर देते हैं। तब अटलजी ने कहा था कि मैं पाप के तरीके से सरकार नहीं बनाऊंगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, अटल जी का जीवन ग्रंथ की तरह है, जिसका हर पन्ना राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है।


