भास्कर संवाददाता | उज्जैन सड़क पर निकलते हुए वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा चायनीज मांझा अब बिजली कंपनी के लिए नया सिरदर्द बन गया। इससे शहर व समीप के क्षेत्रों में एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा खड़ा हो गया। लाइन के नीचे बनी 8-10 कॉलोनियों में यह बड़ा खतरा है। एमपी ट्रांसको ऊर्जा विभाग के पीआरओ शशिकांत ओझा ने बताया पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझा 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने लगा है। इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होने लगी है, बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ने लगा है। पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक है। मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए एमपी ट्रांसको द्वारा उज्जैन में विशेष तौर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसलिए घातक मांझा कार्यपालन अभियंता धनसिंह भलावी ने बताया चायनीज मांझा धात्विक लेप युक्त होता है। यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैश ओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियां उत्पन्न करता है। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती है।


