पीएम किसान सम्मान निधि का पोर्टल करीब 2 महीने से बंद पड़ा है। ऐसे में राज्य में लाखों किसानों को सरकारी दफ्तरों व ई-मित्र पर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। झुंझुनूं जिले के भी 5 हजार से अधिक किसान पंजीकरण कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। झालावाड़ जिले में पकड़े गए फर्जीवाड़े के बाद सरकार ने 28 अक्टूबर के बाद योजना का पोर्टल बंद कर दिया गया। सभी जिला अधिकारियों की आईडी भी सीज कर दी गई। इसके चलते योजना में किसानों की शिकायत व नए पंजीकरण सहित किसी भी तरह का काम नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में किसानों को तहसील व जिला नोडल कार्यालयों में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क़िस्त हो सकते हैं वंचित करीब ढाई हजार किसानों के पिता की मृत्यु के बाद नए सिरे से अपने नाम से पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। जिले में 1000 से ज्यादा ऐसे किसान हैं जिन्हें 21वीं व चौथी किस्त की राशि नहीं मिलने से नए सिरे से अपडेट करवाना है। ये आ रही है मुख्य समस्याएं ऑनलाइन शिकायतें दर्ज नहीं हो रहीं। किसान ई-केवाईसी नहीं करवा पा रहे हैं। फार्मर आईडी अपडेट नहीं हो रही है। विरासत स्थानांतरण के बाद आधार सीडिंग का काम अटका है। पोर्टल बंद होने का कारण झालावाड़ में साइबर ठगी का मास्टरमाइंड स्टेट नोडल ऑफिस में ऑपरेटर था और सरकारी सिस्टम की पहुंच का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद सरकार ने एक माह से किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े तहसीलदारों व अन्य अधिकारियों की आईडी मैपिंग कैंसिल कर दी। झुंझुनूं नोडल अधिकारी का कहना है कि ये ऊपर के स्तर से ही बन्द है। अपडेशन के चलते पीएम किसान सम्मान निधि योजना का पोर्टल बंद चल रहा है। दिसंबर अंत तक पोर्टल के शुरू होने की संभावना है। पोर्टल के शुरू होते ही किसानों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।


