कानपुर के घाटमपुर में आरपीएफ जवान की पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जवान लगभग 2 वर्ष से निलंबित चल रहे थे। जिसके चलते वह डिप्रेशन में थे। दैनिक भास्कर टीम कानपुर से लगभग चालीस किलो मीटर दूरी पर स्थित घाटमपुर के कुष्मांडा नगर वार्ड पर पहुंची यहां पर हमारी मुलाकात मृतक आरपीएफ जवान मुकेश के पिता रामबाबू से हुई उन्होंने हमें बताया कि उनके बेटे मुकेश आरपीएफ में सन 2005 में भर्ती हुए थे। इसके बाद 28 अप्रैल सन् 2009 को उनकी शादी कानपुर के काकादेव की रहने वाली पूनम के साथ हुई थी, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा समर है। उन्होंने बताया कि बेटे की वर्तमान में तैनाती झांसी में थी, लगभग दो वर्ष पहले किसी बात को लेकर हुए विवाद के चलते अधिकारियों ने उनके बेटे मुकेश को निलंबित कर दिया था। निलंबन के कुछ दिन बाद से मुकेश परेशान रहने लगा था, शनिवार देर शाम घर के बाहर बने तालाब के किनारे गड्ढे में मुकेश मुंह के बल गिर गए। परिजन उन्हें आनन फानन निकालकर घाटमपुर सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची घाटमपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिता रामबाबू ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर पालिका से जल निकासी की शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके बाद हमारी मुलाकात मृतक आरपीएफ जवान मुकेश के भाई राजेश कुमार से हुई उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने कई बार नगर पालिका प्रशासन से जलभराव की शिकायत की, तो उन्होंने कहा कि मठ पंप का निर्माण हो गया है, जल्द आप लोगों को जलभराव से निजात मिल जाएगी। लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी हालत ज्यों के त्यों बने हुए है। भाई का आरोप है, कि मठ पंप अक्सर बंद रहता है, आज तक उन्हें जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी।


