भीलवाड़ा में पौष महीने का आधा समय बीत जाने के बावजूद सर्दी का असर कमजोर बना हुआ है। आमतौर पर इस दौरान तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार दिन और रात दोनों समय तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं की रफ्तार कम रहने और कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण ठंड नहीं बढ़ पाई है। पौष में पड़ती है कड़ाके की ठंड धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पौष महीने में आमतौर पर कड़ाके की ठंड पड़ती है। इसी कारण मंदिरों में भगवान को गर्म व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। इस बार पौष महीने का आधा हिस्सा निकल चुका है, लेकिन रात का तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जबकि सामान्य स्थिति में यह 5 डिग्री तक गिर जाता है। शुरुआत से ही कमजोर रही सर्दी इस साल सर्दी की शुरुआत से ही ठंड का असर कम देखने को मिला है। भीलवाड़ा शहर सहित जिलेभर में सुबह और शाम हल्की ठंड रहती है, जबकि दोपहर में तेज धूप निकल रही है। बढ़े हुए तापमान के कारण लोग अब तक गर्म कपड़ों का नियमित उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ा वर्तमान में भीलवाड़ा में दिन का तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, वहीं रात का तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह दिन का तापमान 24 से 25 डिग्री और रात का तापमान 10 से 11 डिग्री रहने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रभाव कम ही रहेगा। ठंडी हवाओं की रफ्तार कम मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहने के कारण ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पूरी गति से नहीं पहुंच पा रही हैं। दिन में तेज धूप और बीच-बीच में बादलों की आवाजाही के चलते रात के तापमान में भी गिरावट नहीं हो रही है। ओस जमीन तक नहीं पहुंच पा रही उन्होंने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के दौरान आसमान की ऊपरी सतह पर बादल बने रहते हैं। इसके कारण रात में गिरने वाली ओस जमीन तक नहीं पहुंच पाती, जिससे तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं हो रही और सर्दी का असर कमजोर बना हुआ है।


