धौलपुर में आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर खंड ने 1.72 करोड़ रुपये का नकद राजस्व प्राप्त किया। इस दौरान 1267 पुराने लंबित बिजली बिल और विद्युत चोरी रिपोर्ट (VCR) मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत के आयोजन से पूर्व, जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर XEN विवेक शर्मा ने अभियंताओं और बिजलीकर्मियों की बैठक ली थी। बैठक में बकायेदारों तक लोक अदालत के नोटिस पहुंचाने और उन्हें समझौते के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क किया। बकायेदारों को बकाया भुगतान के लिए की समझाइश
लोक अदालत से पहले प्रत्येक उपखंड में जूनियर इंजीनियर (JEN) स्तर पर शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में बकायेदारों को बकाया भुगतान के लिए समझाया गया। डिस्कॉम के XEN, असिस्टेंट इंजीनियर (AEN), JEN और फीडर इंचार्ज के सक्रिय प्रयासों के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने लोक अदालत में भाग लिया और अपने पुराने बिजली बिलों तथा लंबित VCR मामलों का निस्तारण कराया।
डिस्कॉम ने बकायेदारों को मौके पर ही बकाया राशि भुगतान की सुविधा प्रदान की और तुरंत बिल जमा रसीदें भी जारी कीं। धौलपुर डिवीजन के तहत, धौलपुर शहर उपखंड से 435 बकायेदारों से 25.92 लाख रुपये, धौलपुर ग्रामीण उपखंड से 357 बकायेदारों से 70 लाख रुपये और राजाखेड़ा उपखंड से 475 बकायेदारों से 76.20 लाख रुपये का नकद राजस्व प्राप्त हुआ। लोक अदालत के दिए गए थे नोटिस
XEN विवेक शर्मा ने बताया कि जिन बकायेदारों को लोक अदालत के नोटिस दिए गए थे, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए या समझौते के लिए सहमत नहीं हुए, उनके परिसरों की भौतिक जांच की जाएगी। यदि उनके यहां बिजली चालू पाई जाती है, तो उनके खिलाफ विभागीय विजिलेंस कार्रवाई की जाएगी।
लोक अदालत के दिन भी XEN विवेक शर्मा और अन्य अभियंताओं ने फील्ड विजिट कर बकायेदारों से संपर्क किया और उन्हें बकाया राशि जमा कराने के लिए प्रेरित किया। XEN शर्मा ने उपभोक्ताओं से नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान करने की अपील की, ताकि भविष्य में एक साथ बड़ी राशि जमा करने की स्थिति से बचा जा सके।


