सरकार की ओर से अरावली के पहाड़ों की 100 मीटर वाली परिभाषा तय करने का विरोध करते हुए राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव पर जमकर बरसे। पहले कहा अरावली मामले में इनके डैथ वारंट पर साइन हैं पूरी बीजेपी को भुगतना पड़ेगा। फिर बोले माना कि राजस्थान की जनता भोली है चुनाव जिता सकती है लेकिन इतनी ताकतवर भी है कि अरावली को बचा सकती है। मंत्री के मन का तभी पता चल गया था जब सरिस्का में किसानों की जमीन को सीटीएच में शामिल कर लिया और खान वाली भूमि को सीटीएच से बाहर कर दिया था। इतना तो हमने नहीं सोचा था कि पूरे राजस्थान की अरावली माता को बेच देंगे। जूली ने यह बात सोमवार को मिनी सचिवालय के बाहर मनरेगा का नाम बदलने और अरावली के पहाड़ों की ऊंचाई तय करने पर सरकार के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान कही। जूली ने कहा कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव कल कह रहे थे अरावली का दायरा तय करने से कुछ पर्सेंट का ही फर्क पड़ेगा। इसी दो पर्सेंट में खेल कर दोगे। इनके नियम से 11 हजार पहाड़ बाहर हो जाएंगे। मैं कहता हूं ये अरावली राजस्थान की जान है। इसे बर्बाद नहीं होने देंगे। चैलेंज करना चाहता सरकार को झुकना पड़ेगा और सरकार काे कानून वापस लेना पड़ेगा। अब ये कांग्रेस का नहीं जन-जन आंदोलन हो गया है। एक-एक युवा जुड़ चुका है। इनके पैरों के नीचे से जमीन निकल चुकी होगी तब अहसास होगा। अभी ये घमंड में है। जहां से चुनाव लड़ा वो अरावली नहीं दिख रही है। सरिस्का में खनन माफिया को पनाह देना चाहते थे। सांसद के मन का तभी पता चल गया था जब ये सीटीएच बदलकर खनन माफिया को खान देने पर ऊतारू थे। यह भी कहा कि वन मंत्री जनता को गुमराह करने में लगे हैं। खुद के मंत्रालय ने अरावली की पहाड़ी 100 मीटर तय करने के लिए कोर्ट से सिफारिश कराई। इसलिए कह रहा हूं बीजेपी के नेताओं ने डैथ वारंट पर साइन किया है पूरी बीजेपी को भुगतना पड़ेगा। या तो समझ आ जाए। नहीं आने वाले समय में पूरे राजस्थान में अभियान चलेगा। अलवर में भी बड़ा प्रदर्शन होगा। मनरेगा को भी खत्म कर दिया जूली ने कहा कि मनेरगा का नाम ही नहीं बदला जा रहा बल्कि मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। वे इस कानून को खत्म करना चाहते हैं। पिछले चुनावों में भी कहा था कि नरेगा में गड्ढे बहुत हो गए ह्रें उसे खत्म करेंगे। मनरेगा को पूरी तरह खत्म कर दिया। जो मजदूरों से धोखा है। मनरेगा के कारण पहले बंधुआ मजदूरी से मुक्ति मिली थी। अब पूरा परिवर्तन कर दिया। अब मजदूरों को बजट के आधार पर काम मिलेगा। अब केंद्र सरकार काम तय करेगी। वापस बंधुआ मजदूर हो जाएंगे। पैसे के आधार पर काम मिलेगा। जिससे गरीबों को खमियाजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन् के दौरान कांग्रेस के विधायक, जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत सहित पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। सबने विरोध करते हुए अपनी बात रखी।


