कांग्रेसी बोले- वीबी-जी राम जी अजीब, समझ नहीं आया:मनरेगा से गांवों का पलायन रोका, केन्द्र सिर्फ नाम बदल रहा

यूपीए सरकार ने हर व्यक्ति को काम मिले, ग्राम सभा तय करें कि क्या काम हो, उसकी तर्ज पर मनरेगा को लाया गया था, इस योजना से गांवों से पलायन रोका गया। लेकिन बीजेपी की केन्द्र सरकार सिर्फ नाम बदलना जानती है। अब इस योजना को पूरी तरह बदल कर नया नाम रख दिया है। जो नया नाम दिया है जी राम जी, क्या नाम है ये समझ ही नहीं आ रहा है क्या नाम रखा है। ये कहना है कोटा से कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह का। कोटा में कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। कोटा शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम और देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप के नेतृत्व में रामपुरा में गांधी प्रतिमा के पास यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी योजना को बदल देने से या नाम बदल देने से महात्मा गांधी का सम्मान कम नहीं होगा। इस दौरान राखी गौतम ने कहा कि- महात्मा गांधी का अपमान करने का काम बीजेपी करना चाहती है लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। मनमोहन सरकार में मनरेगा की योजना ग्रामीण क्षेत्र में लाई गई थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल सके। गांवों को बसाए रखने और रोजगार के लिए योजना शुरू की गई थी। आज बीजेपी की सोच और नीयत में खोट का पता इससे लगता है कि सिर्फ नाम बदलने के लिए योजना में बदलाव कर रहे है। ये कह रहे है कि 125 दिन का रोजगार मिलेगा, क्या गारंटी है और अगर रोजगार मिलता है तो अच्छी बात है लेकिन क्या मजदूरी बढ़ाई गई है। पहले केन्द्र सरकार नब्बे फीसदी भुगतान करती थी और दस फीसदी राज्य सरकार करती थी। लेकिन आज बेवकूफ बनाया जा रहा है राज्य सरकार को अब चालीस फीसदी भुगतान करना पडे़गा। आजीविका का साधन लोगों से छीनने का प्रयास है। गांवो से पलायन रोका था मनरेगा ने
गांधी का नाम तो इन्होंने हटा ही दिया है। यूपीए सरकार में मनरेगा लाई गई थी कि गांवों में ग्राम सभाओं को पॉवरफुल बनाया जा सके और गांवों से पलायन रोका जा सके। इन्होंने संशोधन किया है, अब काम कौन तय करेगा कि काम ऊपर से तय होंगे और मजदूर यहां के होंगे। अब नया नाम रख दिया जी राम जी नाम, समझ से ही परे है। महात्मा गांधी का जो सपना था, उसी के आधार पर जो देश चल रहा है उसे बीजेपी मिटाना चाहती है। इसी के विरोध में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। अब ये कहते है कि कई जगह कामों में भ्रष्टाचार हुआ है तो ऐसा हुआ तो कहीं न कहीं जांचे भी हुई होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि नाम बदलने से क्या योजना बेहतर हो जाएगी। पूंजीपतियों के लिए काम करने वाली सरकार है। कांग्रेस इसका विरोध करती रहेगी।

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