कटनी में केंद्र सरकार के मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के भले के लिए नई योजनाएं लाने के बजाय सिर्फ पुरानी योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति कर रही है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के समय शुरू हुई योजनाएं आज भी गरीबों का सबसे बड़ा सहारा हैं, लेकिन सरकार अपनी कमियां छिपाने के लिए इनका स्वरूप बदलना चाहती है। मजदूरों के बीच भ्रम फैलने की जताई चिंता युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले करोड़ों मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर इस योजना का नाम बदला गया, तो गांवों में रहने वाले गरीब मजदूरों के बीच उलझन पैदा होगी। कांग्रेस का कहना है कि नाम बदलने से इस योजना की मूल भावना और गांव की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। नाम न बदलने और बेरोजगारी दूर करने की मांग राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि मनरेगा की पहचान के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। इसके साथ ही उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने की बात भी कही। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।


