झालावाड़ जिले की खानपुर तहसील और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय जन सेवा प्रतिष्ठान, राजस्थान द्वारा आयोजित रामायण आधारित परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से जोड़ने की एक सांस्कृतिक-शैक्षिक पहल के रूप में देखा गया। परीक्षा प्रभारी नंदकिशोर कुमावत ने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे यह परीक्षा खानपुर, सूमर, सारोला, तारज और बिसलाई सहित कुल 10 केंद्रों पर एक साथ आयोजित की गई। इसमें लगभग 560 विद्यार्थियों ने उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से परीक्षा संपन्न हुई। विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड मंत्री वीरेंद्र गुर्जर ने परीक्षा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा जैसे संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने इसे युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष प्रेमनारायण त्रिगुणायत ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके सांस्कृतिक और नैतिक विकास में भी सहायक होते हैं। परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट रूप से देखी गई। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। समाज के लोगों ने भारतीय जन सेवा प्रतिष्ठान के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की उम्मीद जताई।


