चूरू जिला कलेक्ट्रेट के सामने सोमवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने और उसे कमजोर करने के विरोध में जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया। चूरू जिला कांग्रेस कमेटी ने यह प्रदर्शन मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने के खिलाफ आयोजित किया। सुजानगढ़ विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज मेघवाल के नेतृत्व में हुए इस धरने में सांसद राहुल कस्वां, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया, मुश्ताक खान और रियाजत खान सहित कई नेता मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि मनरेगा के तहत जरूरतमंदों को 100 दिन का रोजगार मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से नाम बदलकर इसे खत्म करने का काम किया है। कस्वां ने कहा कि 125 दिन के रोजगार की बात कही जा रही है, लेकिन 100 दिन का रोजगार भी तीन प्रतिशत से अधिक लोग प्राप्त नहीं कर पाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत का भार डाला गया है। पिछले दो सालों में केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं पैसे के अभाव में प्रदेश में दम तोड़ रही हैं। कस्वां ने आशंका जताई कि केंद्र सरकार की फंडिंग से चलने वाली मनरेगा भी अब दम तोड़ देगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज मेघवाल ने कहा कि मनरेगा की आत्मा को खत्म किया जा रहा है और महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो भाजपा की छोटी विचारधारा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना का भार राज्य सरकारों पर डाला जा रहा है, जिसे कोई भी राज्य सहन नहीं कर पाएगा और यह योजना अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्होंने इसे भाजपा सरकार का उद्देश्य बताया। कांग्रेस नेता रियाजत खान ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले का परिणाम पंचायत और निकाय चुनाव में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा सकते हैं, लेकिन 171 देशों से उनकी मूर्तियां कैसे हटाएंगे। सादुलपुर की पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा द्वारा कांग्रेस द्वारा चलाई गई योजनाओं का नाम बदला गया है। इससे पहले भी तमाम योजनाओं का नाम इनके द्वारा बदला गया। इस योजना को बंद कर सरकार ने रोजगार छीनने का काम किया हैं। इस मौके पर कांग्रेस नेता संजय कस्वां, मुश्ताक खान, पूर्व सभापति गोविन्द महनसरिया, सद्दाम हुसैन, बजरंग सैन, आदूराम न्यौल, मोहम्मद हुसेन निर्वाण व जमील चौैहान सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।


