करौली के हिण्डौन क्षेत्र में प्रस्तावित आयरन व खनिज खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस के पूर्व विधायक लाखन सिंह कटकड और सुरेश मीणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री और खनन मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार हिण्डौन सिटी के 9 दिसंबर 2025 के पत्र के तहत आयरन प्लांट के लिए कई गांवों की भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव में देदरौली, सिंघानमीना, खेड़ा जमालपुर, कांचरौली, फुलवाड़ा, बुर्जावाड़ा, दूघाटी, चमरपुरा, कारवाड़ मीना, टोडूपुरा, मनेमा, फैलीकापुरा, कोटरा ढहर, गांवड़ा मीना, गुर्जर गांवड़ा, निमोड़ पट्टी, लीलोटी, खोहरा घुसेटी, खरेटा और बमनपुरा गुर्जर सहित लगभग 1832.83 हेक्टेयर भूमि शामिल है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि अधिग्रहण से करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित होगी। क्षेत्र के अधिकांश परिवार कृषि और जंगलों पर निर्भर हैं। भूमि छिन जाने से उनकी आजीविका और आवास पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में जांच के नाम पर क्षेत्र में मशीनें लगाई गई हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। उन्होंने इन मशीनों को तत्काल हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर अधिग्रहण की कार्यवाही नहीं रोकी गई, तो जनआंदोलन और तेज किया जाएगा। इससे पहले, कटकड़–टोडूपुरा मोड़ पर एक जनसभा आयोजित की गई थी, जिसमें आयरन खनन के लिए चार कंपनियों को आवंटित लगभग 1850 हेक्टेयर भूमि का विरोध किया गया। ग्रामीण विभिन्न वाहनों से मासलपुर चुंगी पहुंचे और वहां से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली, इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर ग्रामीणों ने एनएच-23 पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। बाद में प्रशासन की समझाइश पर प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना से बातचीत की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सक्षम स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान पूर्व विधायक लाखन सिंह कटकड़, टोडाभीम विधायक व कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, पूर्व विधायक सुरेश मीणा, बी.एल. मीणा, हुकुम बाई, देवी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


