चांदामऊ जा रहे हिंदू नेताओं को ग्रामीणों ने लौटाया:बोले- बाहरियों को गांव में नहीं आने देंगे, आगजनी में दो भाइयों की मौत का मामला

सागर के नरयावली थाना क्षेत्र के ग्राम चांदामऊ में हुई आगजनी की घटना में दो भाइयों की मौत और बहन के झुलसने का मामला शांत नहीं हो रहा है। सोमवार को सागर से हिंदूवादी नेता और कार्यकर्ता ग्राम चांदामऊ के लिए रवाना हुए। वह घटनास्थल का जायजा लेने और पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। लेकिन नरयावली में स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। दोनों तरफ से नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्तियों को गांव नहीं जाने देंगे। क्योंकि हम नहीं चाहते कि क्षेत्र का माहौल खराब हो। आगजनी की मामले को लेकर अधिकारियों को साथ मिलकर ज्ञापन देंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे। गांव में एंट्री नहीं मिली तो एसपी ऑफिस में सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने आगजनी की घटना की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद सागर से गए हिंदूवादी नेता वापस लौट आए। उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपा। हिंदू नेता कपिल स्वामी ने कहा कि हम लोग पीड़ित परिवार से मिलने और घटनास्थल देखने जा रहे हैं। ताकि पीड़ित परिवार की मदद कराई जा सके। लेकिन नरयावली थाना प्रभारी ने अपने लोगों को विरोध में खड़ा कर दिया। वह किसी प्रकार का उपद्रव कराकर हम लोगों पर कार्रवाई करने की तैयारी में थे। मामले में एसपी ऑफिस में शिकायत की गई है।
घटना से क्षेत्र दुखी, मगर माहौल नहीं बिगड़ने देंगे
उधर, दूसरे पक्ष से सुधीर यादव, गुड्‌डा यादव, रवि ऋषि यादव समेत अन्य ने कहा कि सागर से आए लोगों ने पहले हमें सूचना नहीं दी थी। बहुत सारे लोगों का गांव में जाने से क्षेत्र का माहौल बिगड़ सकता है। लेकिन हम लोग ऐसा नहीं चाहते हैं। उन्होंने मामले को लेकर नरयावली थाने में ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि आगजनी की घटना दुखद है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि बाहरी व्यक्ति क्षेत्र में आकर माहौल खराब न करें। भ्रामक जानकारी नहीं फैलाई जाएं। डीआईजी और एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटनाक्रम के 18 दिन बाद डीआईजी शशींद्र चौहान और एसपी विकास शाहवाल ग्राम चांदामऊ पहुंचे। जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बात की। घटनास्थल का जायजा लेकर वे वापस लौट आए। दरअसल, 4 दिसंबर की रात चांदामऊ में मकान में आग लगी थी। आग की चपेट में आने से दो भाई और उनकी बहन झुलसी थी। इलाज के दौरान दोनों भाइयों की मौत हो गई। कुछ दिन बाद घटनाक्रम को लेकर आरोप लगाए गए कि वर्ग विशेष के युवक ने मकान में आग लगाई थी। मामला सामने आते ही घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है।

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