देश में 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों का भी मास्टर प्लान होगा। केंद्र ने अमृत मिशन उपयोजना 2.0 के लिए देशभर के 675 शहर और कस्बों का चयन किया है। पहले चरण में डोंगरगढ़, कांकेर और महासमुंद को शामिल किया गया है। इन तीनों शहरों का अब जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके जरिए इन तीनों शहरों की नई विकास रूपरेखा तैयार होगी। यह प्लान शहरों की 2041 तक की जरूरत, जनसंख्या, सुविधाओं, भूमि उपयोग और भविष्य की दिशा तय करेगा। नगरीय प्रशासन विभाग की एजेंसी सूडा और नगर व ग्राम निवेश विभाग की देखरेख में यह पूरा काम होगा। टाउन प्लानिंग विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। सर्वे के लिए कंसल्टेंट एजेंसी तय की जा रही है। मास्टर प्लान के लिए जीआईएस आधारित सर्वे इत्यादि के लिए पूरी फंडिंग केंद्र कर रहा है। केंद्र ने 1 अक्टूबर 2021 में शुरूW अमृत मिशन 2.0 के तहत 50 हजार से 99 हजार 999 आबादी वाले क्लास-2 शहरों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान बनाने की मंजूरी दी है। इसमें जियो-डेटाबेस निर्माण, जीआईएस आधारित मास्टर प्लान, क्षमता निर्माण, राष्ट्रीय शहरी जियो पोर्टल और एकीकृत मोबाइल एप विकास जैसे पांच प्रमुख बिंदु शामिल हैं। पहले तीन बिंदु पर टाउन प्लानिंग विभाग को काम करना है। आखिरी दो की जानकारी केंद्र सरकार देगी। फील्ड सर्वे डिजिटल तरीके से होगा। ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और मोबाइल एप के जरिए सड़कें, इमारतें, सरकारी ढांचे, खाली जमीन, पानी-सीवर लाइनें, पार्क और हर तरह का स्थानीय डेटा जुटाया जाएगा। यह केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय और भारतीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, रिमोट सेंसिंग संस्था, देहरादून के विकसित मोबाइल एप में रिकॉर्ड होगा। जीआईएस मैप के आधार पर हर शहर के लिए भूमि उपयोग, परिवहन नेटवर्क, औद्योगिक क्षेत्र, आवास, पर्यटन, पार्क, सार्वजनिक सुविधाएं और विकास परियोजनाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा। 2041 का होगा मास्टर प्लान
मास्टर प्लान का लक्ष्य वर्ष 2041 रखा गया है। इसके तहत शहर की आने वाले 20 वर्षों की दिशा तय होगी। 25 क्षेत्रों का विस्तृत डेटा जैसे सामाजिक-आर्थिक स्थिति, ट्रैफिक, उद्योग, सरकारी एवं वन भूमि, पर्यटन, धरोहर स्थल और नगर सेवाओं से जुड़े सभी सेक्टरों का विश्लेषण करके योजना बनाई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस रखी जाएगी, जिससे डेटा अधिक सटीक, सुरक्षित और भविष्य में अद्यतन करने योग्य रहेगा। टाउन प्लानिंग विभाग नोडल
इस योजना के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। विभाग के अतिरिक्त संचालक संदीप बागड़े इस योजना के नोडल अधिकारी हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि एजेंसी चयन करने के साथ जल्द ही सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। केंद्र के तय मापदंडों और गाइडलाइन के अनुसार एजेंसी को जीआईएस आधारित सर्वे करना होगा। इसके लिए तकनीकी तौर पर दक्ष एजेंसी को नियुक्त किया जाएगा। योजना के 5 मुख्य बिंदु डेटा कलेक्शन कैसे होगा?


