‘सफेद रंग का विचित्र जानवर था, कुत्ता या लेपर्ड नहीं’:पाली के आकेली गांव में दहशत; 2 को नोचा, बछड़े पर झपटा, दावा-पहली बार देखा

पाली शहर से 7 किलोमीटर दूर आकेली गांव के बावरियों का बास ढाणी में ‘विचित्र जानवर’ की दहशत है। रविवार सुबह 5 से 5.30 बजे के बीच एक जानवर ने गांव के दो लोगों और एक बछड़े को जख्मी कर दिया। दोनों घायलों का कहना है कि वह सफेद रंग का विचित्र प्राणी था, उसे पहले कभी नहीं देखा। गांव आकेली में अजीब जानवर की अफवाह के बीच सदर थाना पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी है। थाना सदर थाना इंचार्ज अनिल विश्नोई ने कहा- थाना इलाके के आकेली गांव में अनजान जानवर के हमले की सूचना मिली थी। इस पर एएसआई नरपत सिंह को मौके पर भेजा था। हमले में घायल दो ग्रामीणों का पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज कराकर छुट्‌टी दे दी गई। वन विभाग को सूचना दे दी है। पूर्व सरपंच बोले- एलियन टाइप जानवर ने हमला कर दिया आकेली गांव के पूर्व सरपंच बाबूलाल बंजारा ने बताया- रविवार सुबह कुछ ग्रामीणों का फोन आया था। बताया कि एलियन टाइप किसी जानवर ने अटैक कर दिया। गांव के कानाराम पर जानवर ने हमला कर दिया। इसके बाद कुछ दूर बाड़े में बंधे बछड़े के चेहरे को नोचा। इसके बाद गांव के ही एक युवक पर झपटकर जंगल में गायब हो गया। विचित्र जानवर की मौजदूगी से गांव वालों में दहशत है। वन विभाग और प्रशासन से अपील है कि जल्द जानवर का पता लगाकर उसे पकड़ा जाए। कानाराम बोला- हाथ-मुंह नोचा, पहली बार देखा ऐसा जानवर पशुपालन और खेती करने वाले ग्रामीण कानाराम बावरी (64) पुत्र कूपाराम के बायें हाथ के अंगूठे, दायें हाथ की कलाई और चेहरे पर जख्म हैं। कानाराम ने बताया- मेरे मकान के सामने पशु बाड़ा है। मैं बाड़े में बनी झोंपड़ी में सो रहा था। पास में पालतू कुत्ता सो रहा था। सुबह 4 बजे के करीब कुत्ता जोर-जोर से भोंकने लगा। मैंने एक बार उठकर देखा। कुछ नहीं था। मैं सो गया। सुबह 5 बजे के करीब मुझ पर किसी जानवर ने हमला कर दिया। मेरे हाथ और मुंह पर काट लिया। मैं चिल्लाया तो जानवर मुझे छोड़ झोपड़ी से बाहर निकल गया। मैं भी डंडा लेकर पीछे भागा। जो जानवर देखा उसे पहले कभी नहीं देखा था। वह न तो लेपर्ड था, न डॉग। न जरख था। सफेद रंग का था। मेरे दोनों हाथों पर खरोच आई। चेहरा भी नोच लिया। दावा- बाड़े की कांटेदार दीवार में फंसे मिले बाल गांव के लोगों ने सफेद बालों का गुच्छा दिखाया। दावा किया कि कानाराम के बाड़े की कंटीली दीवार पर ये बाल मिले। बालों का रंग सफेद है। जानवर भी सफेद रंग का बताया जा रहा है। शौच जाकर लौट रहे युवक पर हमला गांव में इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाले युवक प्रकाश भाटी (25) पर भी जानवर ने हमला किया। जहां हमला किया वह जगह गांव के किनारे पर कानाराम के बाड़े से 500 मीटर दूर है। प्रकाश ने बताया- सुबह 5.30 बजे का समय था। मैं शौच के लिए जंगल गया था। वहीं से लौट रहा था। मेरे हाथ में प्लास्टिक की खाली बोतल थी। अचानक सफेद बालों वाले अजीब से जानवर ने मुझ पर हमला किया। बचने के लिए मैंने बोतल आगे की तो बोतल झपट कर वह भाग निकला। उजाला होने पर बोतल वहीं पड़ी मिली। ऐसा जानवर पहले नहीं देखा, वह कुत्ता नहीं था, लकड़बग्घा भी नहीं था। अलग ही जानवर था। गांव में खुले बाड़े में बंधे बछड़े का चेहरा नोचा कानाराम बावरी के बाड़े से छह-सात मकान दूर एक बाड़े में बंधे बछड़े पर भी जानवर ने हमला किया। बछड़े की मालिक शकू देवी (60) पत्नी रूपाराम बावरी ने बताया- हमारे खुले बाड़े में बंधे बछड़े सुबह 5.30 बजे के करीब किसी जानवर ने हमला किया। बछड़ा जख्मी हो गया। उसके मुंह पर जख्म के गोल निशान हैं। जानवर ने बछड़े का मुंह नोच लिया। बछड़े के रंभाने की आवाज सुनी तो उठी और कमरे से बाहर निकलकर देखा। वहां कोई नजर नहीं आया। बछड़े के पास जाकर देखा तो उसके आंख और मुंह के पास घाव थे। गांव में दहशत, खेत छोड़ घर लौटी महिला आकेली गांव में इस घटना से लोगों में दहशत है। इस समय रबी सीजन की फसल के लिए गांव के लोग खेत में बने कच्चे मकान में रहते हैं। इस घटना के बाद किसान महिला कूकी देवी (27) खेत का मकान छोड़कर बच्चों और सामान के साथ गांव की ओर लौटती मिली। कूकी देवी ने बताया- पति दिन में मजदूरी करने जाते हैं। मैं पूरे दिन 4 बच्चों के साथ खेत पर बने कच्चे मकान में रहकर खेती का काम करती हूं। बच्चे भी वहीं रहते हैं। आज खेत का मकान छोड़कर गांव जा रही हूं। मन में डर बैठ गया है। आज अजीब से जानवर ने कानाराम समेत दो लोगों और बछड़े पर हमला कर दिया है। दहशत है। बच्चों को लेकर समय रहते घर जाऊंगी। डर है कि जानवर बच्चों पर हमला न कर दे। पुलिस ने वन विभाग को दी सूचना, जांच जारी वन विभाग पाली के रेंजर प्रकाश कुमार ने बताया- पुलिस की सूचना पर वनरक्षक नेमाराम, चौकीदार आलम खान को मौके पर भेजा था। पगमार्क नहीं मिले हैं। लोग जिस विचित्र जानवर की बात कर रहे हैं, ऐसा जानवर मैंने मेरी सर्विस के 10 साल में नहीं देखा है। फिर भी जांच अभी जारी है। ASI नरपतसिंह ने बताया- ग्रामीणों की सूचना पर मैं स्टाफ के साथ मौके पर गया था। गांव के 20-25 लोगों के साथ 2 घंटे तक खोजबीन और घटनास्थलों की जांच की। जानवर नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी है।

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