स्कूल के वार्षिकोत्सव में देवलोक पर साइबर अटैक नाटक ने खींचा ध्यान

भास्कर न्यूज | बलौदाबाजार शिक्षा, संस्कार और संस्कृति के त्रिवेणी संगम का सजीव उदाहरण शनिवार को अंबुजा विद्यापीठ, रवान में देखने को मिला, जहां विद्यालय का 34वां वार्षिक उत्सव “स्पेक्ट्रा” अत्यंत भव्य, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सर्वांगीण विकास का प्रभावशाली मंच बना। इसमें ‘देवलोक पर साइबर अटैक’ नाटक ने ध्यान खींचा। कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 4.30 बजे मुख्य अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के पश्चात राज्य गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई। सुरक्षा के प्रति जागरूकता का परिचय देते हुए कंप्यूटर विभागाध्यक्ष संदीप बसु द्वारा सुरक्षा निर्देश प्रस्तुत किए गए तथा विद्यार्थियों ने सेफ्टी सॉन्ग के माध्यम से संदेश दिया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया, जबकि स्वागत गीत ने सभागार को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने स्वागत उद्बोधन एवं वार्षिक प्रतिवेदन में सत्र 2024–25 की शैक्षणिक उपलब्धियों, बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, खेल, विज्ञान, कला, साहित्य, सामाजिक सेवा और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि कलेक्टर बलौदाबाजा -भाटापारा दीपक सोनी (आईएएस), मुख्य अतिथि सीबीएसई क्षेत्रीय अधिकारी रायपुर जगदीश बर्मन तथा वंदनीय अतिथि अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के चीफ प्लांट मैनेजर एसआर. तिर्की की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और सामाजिक दायित्व का विकास भी होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ‘गंगा अवतरण’, रेट्रो बॉलीवुड नृत्य को सराहना: सांस्कृतिक उत्सव में नर्सरी से कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। ‘गंगा अवतरण’, रेट्रो बॉलीवुड नृत्य, लोकनृत्य, थीम आधारित नृत्य, ‘देवलोक पर साइबर अटैक’ नाटक सहित विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन अवसर पर समन्वयक पद्माकर मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरा आयोजन प्रेरणादायक और स्मरणीय रहा।

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