भास्कर न्यूज | सरायकेला जिले में विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी रणनीति तय करने के उद्देश्य से सोमवार को सरायकेला-खरसावां पुलिस द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह बैठक पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में संपन्न हुई, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सभी थाना प्रभारी, अंचल निरीक्षक एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध गोष्ठी में क्रिसमस और नववर्ष एवं जिले में प्रस्तावित वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम तथा खरसावां शहीद दिवस को लेकर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को पर्व-त्योहारों के दौरान सतर्क रहते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती, नियमित गश्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान नवंबर माह में दर्ज अपराधों की थानावार समीक्षा की गई। लंबित कांडों के शीघ्र उद्भेदन और निष्पादन पर विशेष बल देते हुए दिसंबर माह में अधिकाधिक मामलों के निष्पादन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस क्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि नवंबर माह में जिले का डायल 112 का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 19 सेकंड रहा, जो सराहनीय है। बेहतर कार्य निष्पादन के लिए डायल 112 में कार्यरत कर्मियों को पुरस्कृत भी किया गया। अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध चल रहे जागरूकता सह सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए इसे और प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, प्रभावी वाहन चेकिंग तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।आईआरएडी -ईडीआर पोर्टल पर सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित प्रविष्टियां दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में मादक एवं नशीले पदार्थों, ब्राउन शुगर और अवैध शराब की बिक्री के विरुद्ध अभियान को तेज करने, एनडीपीएस एक्ट के आदतन अपराधियों पर पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई प्रस्ताव भेजने, बलात्कार एवं पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों को 60 दिनों के भीतर निष्पादित करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम व त्वरित निष्पादन पर भी विशेष जोर दिया गया।इसके अतिरिक्त, सीसीटीएनएस में रियल टाइम एवं गुणवत्तापूर्ण डाटा प्रविष्टि, ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग, लंबित वारंट-कुर्की निष्पादन, अवैध खनन पर रोक, पासपोर्ट सत्यापन को पांच दिनों में पूरा करने और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशान न करने जैसे बिंदुओं पर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण, सुगम यातायात और पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के लिए चल रही ‘प्रहरी’ पहल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


