अनंत दूबे | गिरिडीह शहर के शास्त्री नगर स्थित उसरी नदी पर 6.50 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण 15 माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इसका शिलान्यास 5 अक्टूबर 2024 को सूबे के नगर विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी व खेलकूद मंत्री सुदिव्य कुमार ने िकया था। पुल नहीं बनने के कारण सिहोडीह, भंडारीडीह, सिरसिया और बनखंजो के ग्रामीणों को सदर अस्पताल, कोर्ट, स्कूल और कॉलेज तक पहुंने के लिए दो िकलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही थी। इधर, हाल के िदनों में जब नदी में पानी कम हुआ तो ग्रामीणों ने नदी पर िमट्टी-पत्थर भरकर कच्चा रास्ता बना िलया है, जिसका उपयोग अब लोग आवागमन के लिए कर रहे हैं। स्थानीय सत्यनारायण गोस्वामी, राजा, चुन्नू ज्ञानचंद वर्मा, मदन मोहन पांडेय, संतोष तिवारी, बैजनाथ मंडल, प्रदीप दास, संजय कुमार राय, पंकज सिन्हा और मिथलेश सिन्हा ने बताया िक मंत्री ने शिलान्यास समारोह में कहा था कि पुल एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। इस पुल के बनने से उक्त गांवों और मोहल्लों के लोग सदर अस्पताल, कोर्ट, स्कूल और कॉलेज तक 5 मिनट में आराम से पहुंच सकते हैं। बरसात में उसरी नदी में बाढ़ आने के कारण ग्रामीणों को इन स्थानों तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही थी। ग्रामीण पुल निर्माण की शीघ्र शुरुआत की मांग कर रहे हैं । क्योंिक यह अस्थायी रास्ता कभी भी पानी में बह सकता है। पुल नहीं होने से क्या परेशानी, इसके बन जाने से क्या होगा लाभ: शास्त्री नगर उसरी नदी पर पुल न होने से सिहोडीह, बनखंजो, भंडारीडीह और शास्त्री नगर वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों की आबादी लगभग 6,000 से अधिक है। पुल नहीं होने के कारण लोग सदर अस्पताल, कोर्ट, स्कूल और कॉलेज तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करते हैं। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण कई बार आवागमन असंभव हो जाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यदि पुल का निर्माण हो जाता है, तो स्थानीय जनता गिरिडीह सदर अस्पताल और कोर्ट तक केवल 5 मिनट में पहुंच सकेंगे। स्थानीय लोग पुल निर्माण की जल्द शुरूआत की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और आसान हो सके और शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कामों में बाधा न आए।


