भास्कर न्यूज | लुधियाना आपातकालीन सेवाओं को तेज और निर्बाध बनाने के लिए जिला पुलिस ने एक नई पहल की है। अब एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों को शहर की सड़कों पर रेड लाइट पर रुकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए पुलिस ने ‘ग्रीन कॉरिडोर’ नाम से एक विशेष सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत आपातकालीन वाहन के गुजरने वाले पूरे रूट की ट्रैफिक लाइटें एक साथ हरी कर दी जाएंगी। इस सिस्टम का ट्रायल रन चंडीगढ़ रोड पर सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि ट्रायल के सकारात्मक नतीजों के बाद इसे जल्द ही शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी लागू किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों, ट्रांसप्लांट केस और अन्य इमरजेंसी स्थितियों में समय की बर्बादी न हो। पुलिस कमिश्नर के अनुसार जैसे ही किसी आपातकालीन वाहन की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिलेगी, वहां तैनात अधिकारी एक बटन दबाएंगे। इसके बाद उस वाहन के निर्धारित रूट पर आने वाली सभी ट्रैफिक लाइटें हरी हो जाएंगी। वाहन के गुजरते ही सामान्य ट्रैफिक व्यवस्था फिर से बहाल कर दी जाएगी। {ITMS का हिस्सा है नई व्यवस्था: यह सिस्टम इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का हिस्सा है, जिसे प्रशासन ने लागू किया है। लुधियाना में ITMS के तहत 42 प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं। ये लाइटें सेंसर की मदद से रियल-टाइम ट्रैफिक फ्लो के अनुसार अपने सिग्नल टाइम को एडजस्ट करती हैं। {दो जगहों से होगा कंट्रोल: ट्रैफिक लाइटों को नगर निगम जोन-डी कार्यालय में बने कमांड सेंटर के अलावा लुधियाना पुलिस कंट्रोल रूम से भी सीधे संचालित किया जा सकता है। पुलिस अधिकारी मौके की स्थिति के अनुसार लाइटों को मॉनिटर और मैनेज कर सकते हैं। {चंडीगढ़ रोड बना पहला ग्रीन कॉरिडोर: इस पहल के तहत समराला चौक से चंडीगढ़ रोड होते हुए फोर्टिस अस्पताल तक एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जा सकता है। वर्धमान चौक और वीर पैलेस चौक जैसे व्यस्त चौराहों पर भी कंट्रोल रूम से ट्रैफिक लाइटें हरी की जा सकती हैं।


