भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र लोहरदगा सदर अस्पताल खुद इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, लैब टेक्नीशियन की कमी और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का अभाव होने से मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सदर अस्पताल में कुल 32 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 17 डॉक्टर कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश सामान्य चिकित्सक हैं, जबकि विशेषज्ञ डॉक्टर (सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, आई स्पेशलिस्ट आदि) के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति भी चिंताजनक है। कुल 15 लैब टेक्नीशियन के पद स्वीकृत हैं, लेकिन महज 6 तकनीशियन कार्यरत हैं। एक्स-रे विभाग में 4 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 1 टेक्नीशियन काम कर रहा है। इसी तरह नर्सिंग स्टाफ की भी भारी कमी है। स्वीकृत 80 नर्सों में से मात्र 45 ही वर्तमान में ड्यूटी पर हैं। जांच सुविधाओं पर असर खून, पेशाब व अन्य जांचें सीमित संख्या में ही हो पा रही हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन होते हुए भी विशेषज्ञ की कमी से ज्यादातर जांच बाधित रहती है। आइसीयू और इमरजेंसी वार्ड स्टाफ की कमी से प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज़ाना औसतन 500-700 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। वहीं दुर्घटना में गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है क्योंकि उन्हें निजी क्लिनिक या रांची-रिम्स का रुख करना पड़ता है। भास्कर न्यूज।लोहरदगा झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर एवं लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सुखैर भगत के नेतृत्व में भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा कानून से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का नाम हटाए जाने के विरोध में “महात्मा गांधी का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा कि जबतक दुनिया रहेगा तबतक हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का विचार उनका सोच अमर रहेगा। कांग्रेस सरकार के समय से मनरेगा कानून के तहत 90 प्रतिशत केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत शशि राज्य सरकार देती थी जिससे राज्य सरकार को वित्तीय भार कम होती थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार राशि में कटौती करते हुए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य 40 प्रतिशत राशि देगी जिससे राज्य सरकार को अतिरिक्त भार पड़ेगा। मनरेगा कानून की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि इसमें 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी, समय पर मजदूरी भुगतान, महिलाओं की भागीदारी और गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी। लेकिन वर्तमान सरकार की नई योजना में गारंटी शब्द ही गायब है, मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही, काम के दिन घटाए जा रहे हैं और तकनीकी बहाने बनाकर गरीबों को काम से वंचित किया जा रहा है। यह योजना गरीबों को सशक्त करने की नहीं, बल्कि उन्हें चुप कराने की योजना है। प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण भारत को मजबूती दी, पलायन रोका और करोड़ों परिवारों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया। मंच संचालन करते हुए पूर्व जिला महासचिव मोहन दूबे ने कहा कि मनरेगा कानून गरीबों की आवाज था, जबकि “वीबी राम जी” योजना केवल कागजों में चलने वाली योजना बनकर रह गई है। मनरेगा में मजदूर मालिक था, लेकिन नई योजना में मजदूर मजबूर बना दिया गया है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सुखैर भगत, प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद, पूर्व जिला महासचिव मोहन दुबे, जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव, आरजीपीआरएस के जिलाध्यक्ष संदीप गुप्ता, पूर्व जिला महासचिव सदरुल, सीमा भगत, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष मोज्जमिल अंसारी, सेवादल जिलाध्यक्ष शम्भू प्रजापति, ओबीसी प्रदेश कोऑर्डिनेटर संतोष महतो, प्रखंड अध्यक्ष जुगल भगत, सत्यदेव भगत,यूनुस अंसारी, बुद्धदेव उरांव, अनीश अहमद, तनवीर गौहर, मण्डल अध्यक्ष सेराजुल अंसारी, रामदेव उरांव, सुशील उरांव, हमीद अंसारी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने कई बार स्वास्थ्य विभाग को इस कमी की सूचना दी है। लेकिन अब तक पर्याप्त डॉक्टर और तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिलेवासियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि लोहरदगा सदर अस्पताल में जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन और नर्सों की नियुक्ति की जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके और उन्हें बाहर भटकना न पड़े। मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप का कहना है कि कमी से संबंधित मांग कई पर विभाग से की गई है। परंतु अबतक कोई रिप्लाई नहीं मिल पाया है। नतीजा उपलब्ध संसाधन और मैन पावर के भरोसे की अस्पताल को बेहतर करने की दिशा में चलाया जा रहा है।


