भास्कर न्यूज| चाईबासा जहां आत्मविश्वास जन्म लेता है, वहीं से बदलाव शुरू होता है। उक्त बातें जिला विधिक सहायता एवं परामर्श केंद्र के सचिव रवि चौधरी ने चाईबासा जिला परिषद में सृजन महिला विकास मंच द्वारा क्राई–अमेरिका के सहयोग से संचालित बाल संरक्षण परियोजना के अंतर्गत जिला स्तरीय वार्षिक परियोजना अनुभव साझा, प्रसार एवं सीख कार्यशाला में कही है। कार्यशाला में परियोजना के कार्यक्षेत्र से ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों एवं बाल अधिकार मंच के कुल 110 सदस्यों ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी की। कार्यशाला अतिथियों के रूप में रवि चौधरी, सचिव, जिला विधिक सहायता एवं परामर्श केंद्र, सुरेन्द्र प्रसाद दास, उप मुख्य जिला विधिक सहायता एवं परामर्श अधिवक्ता, कुशवेंद्र सोन्केश्री, उप-निदेशक सह सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, विकास दोदराजका, पूर्व सदस्य, बाल संरक्षण आयोग, पुनीता तिवारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, मो. शमीम, सदस्य, बाल कल्याण समिति, डॉ. पी. सियाल, पूर्व रजिस्ट्रार, कोल्हान विश्वविद्यालय, राजेश कुमार पासवान, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी तथा नर्गिस खातून, सचिव, सृजन महिला विकास मंच गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके पश्चात किशोरियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर संस्था की सचिव नर्गिस खातून ने संस्था की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि सृजन महिला विकास मंच पिछले 28 वर्षों से बाल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, दिव्यांगता एवं सुरक्षित पलायन जैसे संवेदनशील और जटिल सामाजिक मुद्दों पर निरंतर एवं प्रभावी कार्य कर रही है। वर्तमान में संस्था झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम एवं कोडरमा जिलों में समुदाय आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव ला रही है। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी ने कहा कि संस्था के निरंतर एवं समर्पित प्रयासों का परिणाम है कि चक्रधरपुर प्रखंड में सर्वाधिक बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम के अंत में संस्था द्वारा सभी अतिथियों को मोमेंटो भेंट कर बाल संरक्षण के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।


