बलेह ग्राम के तालाब से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम द्वारा एक मगरमच्छ को रेस्क्यू किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश रेस्क्यू के बाद उसकी मौत हो गई। नियमानुसार पोस्टमार्टम कराकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुर्गे में जहरीला पदार्थ मिलाकर मगरमच्छ को खिलाया, जिससे उसकी जान चली गई। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लैब जांच के बाद ही हो सकेगी। टाइगर रिजर्व के एसडीओ भगवती प्रसाद तिवारी ने बताया कि मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराकर उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। मृत मगरमच्छ के शरीर पर चोट के निशान भी पाए हैं। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ ने मुर्गा कैसे खाया और किसने उसे खिलाया इसकी विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन इस पूरे मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अब्दुल अंसारी द्वारा गठित टीम के रेस्क्यू के दौरान और उसके बाद समुचित उपचार व निगरानी में असफल रही। यदि रविवार को मगरमच्छ का रेस्क्यू किया था तो उसके इलाज में देरी क्यों हुई, यह बड़ा सवाल बना है।


