जानिए क्या है… बीट : जिस क्षेत्र के चौकीदार पद के लिए अभ्यर्थी आवेदन कर रहा है, उसे संबंधित थाना क्षेत्र का ही निवासी होना अनिवार्य है। जिस एरिया के लिए चौकीदार की नियुक्ति हो रही है, उसे ही बीट कहा जाता है। अब बहाली जिला स्तर पर होती है, इसलिए हाईकोर्ट ने नियम को खारिज कर दिया। रांची । झारखंड हाईकोर्ट ने चौकीदार पद पर नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी का उसी बीट का निवासी होना अनिवार्य शर्त नहीं है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकल पीठ ने गिरिडीह जिले के निवासी पवन कुमार राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनका नामांकन रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया। मामले में पवन कुमार राय की उम्मीदवारी इस आधार पर खारिज कर दी गई थी कि वह संबंधित बीट क्षेत्र का निवासी नहीं है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने भी इसी कारण उन्हें चौकीदार पद पर नियुक्ति देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही खंडपीठ द्वारा डब्ल्यूपी (एस) संख्या 1498/2025 सहित अन्य मामलों में स्पष्ट निर्णय दिया जा चुका है। फैसले में कहा गया है कि चौकीदार की बहाली जिलास्तरीय प्रक्रिया है। इसके लिए अभ्यर्थी का उसी बीट का निवासी होना जरूरी नहीं है। पास या आसपास के बीट क्षेत्र के योग्य अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति दी जा सकती है। कोर्ट ने 13 सितंबर 2025 को पारित विवादित आदेश को रद्द करते हुए संबंधित अफसरों को निर्देश दिया है कि वे खंडपीठ के फैसले के आलोक में याचिकाकर्ता के मामले पर 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन कुमार राय अन्य सभी योग्यताओं पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें चौकीदार पद पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।


