बड़ा तालाब की ड्रोन मैपिंग में खुलासा, 36 एकड़ जमीन गायब

जलाशयों से अतिक्रमण हटाने को लेकर झारखंड हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद रांची नगर निगम हरकत में आ गया है। सोमवार को अपर प्रशासक संजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने बड़ा तालाब और उसके चारों ओर भूमि की स्थिति का आकलन किया। टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत की। फीता से जमीन की मापी भी कराई। ड्रोन के माध्यम से एरियल मैपिंग कराया। निरीक्षण में सामने आए प्रारंभिक तथ्यों और नापी के अनुसार करीब 36 एकड़ जमीन गायब है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, बड़ा तालाब कभी लगभग 53 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ था, लेकिन वर्तमान में तालाब का दायरा सिमटकर केवल 17 एकड़ तक रह गया है। यानी करीब 36 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण होने की आशंका है। पूरे मामले को गंभीर मानते हुए स्थानीय अंचल अधिकारी (सीओ) को दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। कार्रवाई हुई तो ध्वस्त हो सकते हैं घर-दुकानें यदि नगर निगम सख्ती से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है, तो इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। बताया जा रहा है कि बड़ा तालाब क्षेत्र के चारों ओर पक्की सड़क के बाद कई आवासीय मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निर्माण मौजूद हैं। ये अवैध पाए गए, तो इन्हें ध्वस्त किया जा सकता है। युद्धस्तर पर जांच और अभियान के निर्देश निरीक्षण के दौरान अपर प्रशासक ने नगर निगम की टीम को निर्देश दिया कि क्षेत्र में अवैध संरचनाओं, दुकानों और भवनों की जांच युद्धस्तर पर की जाए और अतिक्रमण-मुक्ति के लिए निरंतर अभियान चलाया जाए। भवनों और प्रतिष्ठानों के भवन प्लान, होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस की भी जांच करें। अंचल की टीम के साथ होगी दोबारा मापी अपर प्रशासक संजय कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अंचल की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर बड़ा तालाब के चारों ओर फैली लगभग 53 एकड़ भूमि की विधिवत और वैज्ञानिक तरीके से मापी कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनधिकृत संरचनाओं, दुकानों, भवनों और अन्य निर्माणों की वृहद स्तर पर जांच की जाए, ताकि तथ्यों के आधार पर नगर निगम ठोस और विधिसम्मत कार्रवाई कर सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *