भास्कर न्यूज । लुधियाना पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एकजुट होकर पेड़ बचाओ के नारे के तहत रोष मार्च निकाला। यह रोष मार्च यूनिवर्सिटी कैंपस में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्रस्तावित पेड़ों की कटाई के विरोध में किया गया। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपने विचार रखते हुए प्रशासन के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया। छात्रों का कहना था कि कैंपस के पेड़ न केवल यूनिवर्सिटी की पहचान हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका है। बेवजह पेड़ों की कटाई से हरा-भरा कैंपस प्रभावित होगा और इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और विकास कार्यों के लिए ऐसे विकल्प तलाशे जाएं, जिनसे प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। रोष मार्च के दौरान छात्रों ने यह संदेश दिया कि विकास जरूरी है, लेकिन यह प्रकृति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटाई का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस रोष मार्च में हरमन मान (पीएचडी), गुणतास, सिमरन, दरसप्रीत सहित बड़ी संख्या में अन्य छात्र मौजूद रहे। वहीं, इस मामले में वीसी डॉ. सतबीर सिंह गोसल का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि पेड़ों को काटा जाएगा। योजना के अनुसार सड़क के साथ ग्रीन बेल्ट विकसित की जानी है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और हरियाली बनी रहे। इसी ग्रीन बेल्ट के अंतर्गत फुटपाथ का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आम लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। एक भी पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी गई है। यह पूरा भ्रम सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत जानकारी का असर है, बिन सही जानकारी के रोष प्रदर्शन किया जा रहा है, जो गलत है।


