भास्कर न्यूज| अमृतसर वॉल्ड सिटी के 12 गेटों से शराब-मीट, सिगरेट व तंबाकू की दुकानें बंद कराने का आदेश जारी होने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 6 दिनों में कराए गए सर्वे में सिगरेट-तंबाकू के 107 खोखे और कच्चे मीट की 34 दुकानें मिली हैं। कोई भी शराब की दुकानें और अहाता 12 गेटों के अंदर नहीं मिला है। वाल्ड सिटी में दशकों से शराब बिक्री पर पाबंदी है। पके मीट की दुकानों का कोई डेटा निगम शेयर नहीं कर पा रहा है। बीते 15 दिसंबर को वाल्ड सिटी को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया था। इसके तहत मीट और सिगरेट-तंबाकू की दुकानें बंद कराई जानी है। अगर दुकानदार वेज सामान बेचेंगे तो इन्हें बंद नहंी करवाया जाएगा। ज्वाइंट कमिश्नर जय इंद्र ने अफसरों संग मीटिंग कर बताया कि वॉल्ड सिटी को पवित्र शहर घोषित किए जाने के मांस, मछली, तंबाकू और शराब की दुकानों का संचालन प्रतिबंधित है। ज्वाइंट कमिश्नर जय इंद्र ने दुकानदारों से अपील की कि प्रशासन का सहयोग करें और अपनी दुकानों को वॉल्ड सिटी से बाहर स्थानांतरित करें। बरसों से जो लोग कारोबार कर रहे उन्हें अपनी दुकानें शिफ्ट करने के लिए समय व जगह दोनों की जरूरत होगी। ऐसे में अचानक बंद करा दिया गया तो ये कारोबारी सड़क पर आ जाएंगे। खोखे हटाकर शिफ्ट करना तो आसान कहा जा सकता है। लेकिन मीट की दुकानें खोलने को निगम की तरफ से शुल्क लेकर लाइसेंस जारी किया जाता है। ऐसे में पहले दुकानें शिफ्ट करने के लिए नोटिस जारी करना होगा। हजारों कारोबारियों की रोजी-रोटी जुड़ी, शिफ्टिंग का कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है। यदि अचानक ही दुकानें हटाने के फरमान निगम ने जारी किए तो कारोबारियों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। निगम 107 दुकानें सिगरेट-तंबाकू के बता रहा पर अमृतसर डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि 400 का रोजगार इस काम से चल रहे हैं। जबकि मीट की रेहड़ियां भी इससे कम नहीं लग रही होंगी। सरकार दुकानें शिफ्ट करने के लिए जगह निर्धारित कर दे फिर हटाए तो कोई आपत्ति नहीं है। वहीं शराब की बात करें तो करीब 40-50 साल पहले से ही वाल्ड सिटी के बाहर ही दुकानें लगती हैं। वहीं, ऑर्डर में मीट के सेल-परजेच के अलावा यूज करना प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन यह डिफाइन नहीं किया गया कि लोग अपने घरों में भी मीट मंगवा सकेंगे अथवा बैन रहेगा। वहीं वाल्ड सिटी के अधीन आते 12 गेटों में हॉलगेट, हकीमा गेट, लाहौरी गेट, बेरी गेट, भगतांवाला गेट, चाटीविंड गेट, सुल्तानविंड गेट, महान सिंह गेट, लोहगढ़ गेट, खजाना गेट, शेरावाला गेट, हाथी गेट शामिल हैं। मक्खन फिश कंपनी के पार्टनर कारोबारी राजिंदर कुमार ने बताया कि सरकार को चाहिए दुकानें हटाने से पहले जगह अलॉट करे। हजारों कारोबारियों की रोजी-रोटी 70-80 बरसों से इसी कारोबार के भरोसे चला आ रहा है। जितने एरिया में दुकानें चल रही है, उतनी ही जगह दी जाए। दुकानें किस जगह शिफ्ट करेंगे इस बारे निगम कारोबारियों से मीटिंग करे।


