भास्कर न्यूज | राजिम कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में रावे कार्यक्रम के अंतर्गत चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी एवं उद्यमिता विकास एवं व्यवसायिकी संचार के अंतर्गत द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने हर्ष चंद्राकर के कृषि फार्म तथा भंसाली एग्रो इंडस्ट्रीज, भुसरेंगा (कुरूद) का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डॉ. गिरिजेश शर्मा के मार्गदर्शन में, कार्यक्रम समन्वयक लेखराम वर्मा, सह-समन्वयक डॉ. अविनाश कुमार गौतम तथा डॉ. योगेश्वरी साहू (अतिथि शिक्षिका, कृषि अर्थशास्त्र) द्वारा किया गया। भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने हर्ष चंद्राकर के कृषि फार्म का अवलोकन किया, जहां उन्हें बताया गया कि हर्ष चंद्राकर स्वयं कृषि छात्र रहे हैं। उन्होंने मात्र 4 एकड़ भूमि से खेती की शुरुआत की थी, जिसे सतत परिश्रम, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचार के माध्यम से विस्तार देते हुए आज लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया है। वर्तमान में उनके फार्म के माध्यम से लगभग 170 परिवारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कृषि में उद्यमिता का प्रेरणादायक उदाहरण है। फार्म पर 70 एकड़ क्षेत्र में उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए नेटाफिम कंपनी की स्वचालित सिंचाई एवं फर्टिगेशन प्रणाली तथा उसके ऑटोमेटेड कंट्रोलर की कार्य-प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। कृषि महाविद्यालय के छात्र राइस मिल का भ्रमण करते हुए। इस अवसर पर छात्र आकाश वर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कक्षा में प्राप्त पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ फील्ड स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नौकरी पाने से बेहतर है ऐसा कार्य करना जिससे दूसरों को भी रोजगार मिल सके, और यह बात इस भ्रमण के दौरान उन्होंने अपनी आंखों से देखी। भ्रमण के द्वितीय चरण में विद्यार्थियों ने भंसाली एग्रो इंडस्ट्रीज राइस मिल का औद्योगिक भ्रमण किया, जहां यंत्रीकृत चावल मिल में स्वचालित सॉर्टिंग एवं ग्रेडिंग मशीनों द्वारा धान की सफाई, वर्गीकरण एवं प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे धान की गुणवत्ता एवं समान वितरण सुनिश्चित होता है। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, स्वचालन, संरक्षित खेती तथा कृषि-आधारित उद्योगों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। भ्रमण पश्चात विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. गिरिजेश शर्मा से भेंट कर भ्रमण से प्राप्त जानकारियों से उन्हें अवगत कराया और आभार जताया।


