स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मप्र के राजगढ़ व नरसिंहपुर में जल्द शुरू होने वाले आदि शंकराचार्य गुरुकुलम में गायों पर रिसर्च की जाएगी। साथ ही इन संस्थानों में संस्कृत, वैदिक और योग की शिक्षा भी दी जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि प्राइमरी स्तर पर ड्रापआउट रेट अब शून्य तक पहुंच चुकी है। राजधानी में सोमवार को मंत्री सिंह ने विभाग का रिपोर्ट कार्ड सामने रखा। उन्होंने कहा कि गाय को आदिकाल से पूज्यनीय माना जाता रहा है। कई देश अब इस पर रिसर्च भी करने लगे हैं। हम अगली पीढ़ी को बताना चाहते हैं कि गाय का क्या महत्व है, गाय पालने के क्या साइंटिफिक फायदे हैं। इसलिए हम रिसर्च को बढ़ावा देना चाहते हैं। हम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रिसर्च को शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 3 सालों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउटw दर 6.8% से घटकर शून्य हो गई है। 10वीं व 12वीं के रिजल्ट 10 से 12% तक सुधरे हैं। 2026-27 तक हर स्कूल में स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव पर काम हो रहा है, जिसमें स्कूल शिक्षा से जुड़े सभी दफ्तर एक छत के नीचे लाए जाएंगे। सरकार से अनुमति मिली तो ये 22 मंजिला भवन होगा, जो मप्र की सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी। बुक फेयर… निजी स्कूल के बच्चे ले पाएंगे किताबें स्कूल शिक्षा विभाग इस सत्र से नवाचार करेगा। जो निजी स्कूल मप्र बोर्ड से सम्बद्ध हैं, उनके लिए पाठ्य पुस्तक निगम की किताबों के बुक फेयर लगेंगे। इसमें निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे पालक सस्ती दरों पर किताबें खरीद सकेंगे। साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत अब हिंदी, क्षेत्रीय भाषा के साथ स्थानीय बोलियों में किताबें छपेंगी।


