हाईकोर्ट ने तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से हुए भीषण हादसे के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी घटना के समय स्कॉर्पियो चला रहे युवक के बगल की सीट पर बैठा था। कोर्ट ने कहा कि आरोपी चाहता तो अपने साथी को इतनी तेज रफ्तार से वाहन चलाने से रोक सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। 8 नवंबर की रात करीब 2 बजे 100 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से दौड़ रही स्कॉर्पियो ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीसरा युवक अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस दिल दहला देने वाले हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार आयुष राठौर, कृष्णपाल सिंह तंवर और श्रेयांश राठौर को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में आयुष राठौर और पीछे बैठे कृष्णपाल सिंह तंवर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि श्रेयांश राठौर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों नशे की हालत में थे मामले में लसूड़िया पुलिस ने शिवम, देवराज और दीपांशु उर्फ अनुराग के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 105, 110 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 134 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों नशे की हालत में थे और घटना के समय स्कॉर्पियो देवराज चला रहा था। मामले में आरोपी दीपांशु की ओर से जमानत याचिका दायर की गई। मृतक आयुष राठौर और कृष्णपाल सिंह तंवर की ओर से जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि दीपांशु अन्य सह-आरोपियों के साथ स्कॉर्पियो में सवार था और सभी नशे की हालत में थे। हाई कोर्ट ने सभी को सुनने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया।


