निगम चुनाव में जिस गलती से आम आदमी पार्टी 85 वार्डों में 24 सीटों पर सिमट गई अब मेयर बनाने से पहले भी अंदरखाते कैबिनेट मंत्री-विधायकों में खींचतान दिख रही है। नॉर्थ-वेस्ट और ईस्ट हलका से 4 आजाद और एक भाजपा पार्षद को ज्वाइन कराया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री व दूसरे हलका के विधायक ही मौजूद रहे। जिस हलका से आजाद पार्षद को ज्वाइन कराया गया वहीं के विधायक शामिल नहीं हुए हैं। बता दें कि निगम चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर कैबिनेट मंत्रियों-विधायकों व दूसरे सीनियर लीडर्स व पदाधिकारियों में खींचतान चली आ रही थी। जिसका परिणाम यह रहा कि रुलिंग पार्टी होने के बाद भी मेयर बनाने से 47 सीट हासिल करने को लेकर 23 सीटें पीछे रह गई। वहीं कैबिनेट मंत्रियों के प्रचार में विधायकों की फोटो नहीं दिखी थी तो विधायकों के पोस्टर में कैबिनेट मंत्री गायब थे। टिकट न मिलने पर आप पार्टी के कई वालंटियर आजाद या दूसरे दलों से टिकट लेकर खड़े हो गए। वहीं अब मेयर बनाने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति के बीच आजाद पार्षद आप पार्टी ज्वाइन तो कर रहे लेकिन फिर इस खास मौके से गायब रह रहे हैं। गौर हो कि वेस्ट हलका के वार्ड 85 और 70 से तो नॉर्थ हलका में वार्ड 4 से और ईस्ट के वार्ड 32 और वार्ड 27 से पार्षद आप में शामिल हुए। लेकिन इस दौरान संबंधित हलका के विधायक मौजूद नहीं थे। जिस तरह से अंदरखाते खींचतान जारी है कहीं आप को नुकसान न उठाना पड़े। उधर आप के नेताओं को लग रहा है कि यदि दिल्ली चुनाव जीत गए तो इसका फायदा मेयरशिप में मिलेगा। अचानक से ही दूसरे दलों के लोगों का मन बदलेगा और आप ज्वाइन कर लेंगे। मगर जब तक एकजुटता नहीं होगी मेयर बनाने की राह इतनी आसान नहीं है। इसका उदाहरण 40 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आने वाली कांग्रेस है। जिसके पास 41 वोट तो आ चुके लेकिन बहुमत के लिए अब तक सिर्फ 6 वोट नहीं जुटा पाई है। विधायक डॉ. जीवनजोत कौर से संपर्क नहीं हो सका, उनके पीए ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, वह दिल्ली में है, इसलिए शामिल नहीं हो पाईं। वहीं विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू ने कहा कि आउट ऑफ स्टेशन थे, इसलिए नहीं पहुंच सके।


