सतीश कपूर | अमृतसर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन ने लोगों के घरों में स्मार्ट बिजली मीटर लगा दिए हैं मगर मीटर लोहे के पिलर बाक्स में लगे होने से कई बार नेटवर्क की प्राब्लम आती थी। नेटवर्क न होने से लोगों के बिजली बिल महीना पूरा होने के बाद भी नहीं बन पा रहे थे। जिसको लेकर लोगों को पावरकॉम ऑफिसों के चक्कर लगाकर मीटरों की रीडिंग दिलानी पड़ी। पावरकॉम मैनेजमेंट के आईटी विभाग के सामने मामला उठाया तो उन्होंने लोहे के पिलर बाक्स में नेटवर्क सिग्नल न आने की बात कही। जिसके बाद पावरकॉम मैनेजमेंट ने ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) पिलर बाक्स लगाने को टेंडर लगाए। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों के घरों में स्मार्ट बिजली मीटर लगेंगे वह पारदर्शी पिलर बाक्स में लगेंगे। इससे नेटवर्क सिग्नल टूटने की प्राब्लम नहीं आएगी। अगर कोई उपभोक्ता बिजली चोरी करने को मीटर में यू क्लिप लगाता है तो वह ट्रांसपेरेंट पिलर बाक्स से नजर आएगी। वहीं कुंडी लगाकर बिजली चोरी करने वालों का भी पता पावरकॉम कर्मियों को चलेगा। पावरकॉम की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए 16 साल पहले लोहे वाले पिलर बक्सों में मीटर लगाए थे। लोगों द्व्रारा विरोध करने पर पावरकाम ने पुलिस की सहायता भी ली। इनमें 20 वाले, फोर इन बन और सिंगल पिलर बॉक्स लगाए गए। यह पिलर बाक्स घरों की दीवारों के पास, बिजली खंभों में लगाए गए। बरसाती पानी से लोहे के पिलर बाक्स में जंग लगने से करीब 2 लाख से ज्यादा पिलर बाक्स टूट चुके हैं और लोग बिजली चोरी करते रहते हैं।


