दतिया में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। करीब 44 दिनों तक चली घर-घर सत्यापन कार्रवाई के बाद मतदाता सूची से 27 हजार 635 नाम हटाने की तैयारी है। वहीं 6 हजार 339 ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिन्होंने सत्यापन के दौरान कोई जानकारी नहीं दी। इन सभी को 23 दिसंबर से एसडीएम स्तर से नोटिस जारी किए जाएंगे। चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे, उनके जवाब के आधार पर ही नाम हटाने या बनाए रखने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बिना जवाब मिलने की स्थिति में नाम कटने की कार्रवाई की जा सकती है। जिले की मतदाता प्रारूप सूची (ड्राफ्ट रोल) का प्रकाशन मंगलवार सुबह 10 बजे किया जाएगा। इसकी प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को दी जाएंगी, ताकि तय समयसीमा में दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकें। 45 दिन चला घर-घर सत्यापन अभियान चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 7 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू हुआ था, जो करीब 45 दिनों तक चला। इस दौरान हजारों बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया। दतिया जिले में भी BLO घर-घर पहुंचे और मतदाताओं के निवास, पहचान और स्थिति की जांच की। कुल मतदाता संख्या में आई बड़ी गिरावट 29 अक्टूबर तक जिले में कुल 6 लाख 20 हजार 198 मतदाता पंजीकृत थे। सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर 5 लाख 92 हजार 563 रह गई है। यानी करीब 27 हजार से ज्यादा नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया में हैं। जिला छोड़ चुके मतदाताओं की सबसे ज्यादा संख्या जांच में सामने आया कि सबसे अधिक 14 हजार 713 मतदाता ऐसे हैं, जो जिला छोड़कर अन्य स्थानों पर जा चुके हैं। इसके अलावा 3 हजार 783 मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले। 7,240 मृत मतदाताओं के नाम हटेंगे सत्यापन में यह भी पाया गया कि 7 हजार 240 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं 1 हजार 743 मतदाता पहले से ही दूसरे राज्यों में मतदाता के रूप में पंजीकृत पाए गए। 156 लोगों ने खुद कटवाया नाम इसके अतिरिक्त 156 मतदाताओं ने अन्य कारणों से स्वेच्छा से अपना नाम मतदाता सूची से हटवाने का आवेदन दिया है। चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद ही जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।


