भैसवाड़ा गांव में रविवार को राजपूत समाज की परंपरा के अनुसार पाग दस्तूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दलबीर सिंह के देवलोक गमन के बाद उनके बेटे शिव प्रताप सिंह को पाग पहनाकर कुल की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम में भैसवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गौरतलब है कि भैसवाड़ा निवासी दलबीर सिंह का 14 दिसंबर को निधन हो गया था। समाज व कुल की मर्यादा के अनुसार 12 दिन बाद वैदिक विधि-विधान एवं राजपूत रीति-रिवाजों के साथ पाग दस्तूर संपन्न हुआ। समारोह में जोधपुर के गज सिंह, आहोर महिपाल सिंह सहित पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच शिव प्रताप सिंह को पाग पहनाई गई और उन्हें उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर वातावरण जयकारों और तालियों से गूंज उठा। पाग दस्तूर समारोह को लेकर भैसवाड़ा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर दिनभर लोगों का आवागमन बना रहा। ग्रामीणों ने इस आयोजन को परंपरा, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। पाग दस्तूर के उपरांत शिव प्रताप सिंह ने उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता स्व. दलबीर सिंह द्वारा स्थापित परंपराओं, मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाएंगे।


