लो-फ्लोर बस में शुक्रवार को एक रिटायर्ड आईएएस ने कानोता जाने के लिए टिकट कटाया, लेकिन नींद आने के कारण नायला पहुंच गए। इस पर कंडक्टर ने उनसे किराए के 10 रुपए और मांगे तो विवाद हो गया। कहासुनी से शुरुआत हुई दोनों के बीच जमकर लात-घूसे चले। इस दौरान बस में सवार यात्रियों ने बीच-बचाव कर बुजुर्ग को बचाया। मारपीट की घटना का शिकार हुआ बुजुर्ग डाॅ. रामधनलाल मीना मूलत: फरीदाबाद हाल कानोता एआरजी पुरम कॉलोनी का रहने वाला है। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर का रिटायर्ड अधिकारी होने के साथ ही वर्ष 2009 में मानवाधिकार आयोग के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। कानोता थाने में आरोपी कंडक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इधर, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जेसीटीएसएल की विशेषाधिकारी ज्योति मीना ने आरोपी कंडक्टर घनश्याम शर्मा को निलंबित कर दिया। पीड़ित डॉ. रामधन मीना ने बताया कि मैं एसएमएस अस्पताल से कानोता जा रहा था। इस दौरान लो फ्लोर में बैठ गया। कानोता से कुछ पहले मेरी आंख लग गई। जैसे ही बस नायला की तरफ निकली तो आंख खुली और तत्काल बस रोकने को कहा, लेकिन कंडक्टर ने नहीं रुकवाई। ऐसे शुरू हुआ विवाद नायला में बस रोकने पर पीड़ित रामधन ने आपत्ति जताई, लेकिन कंडक्टर ने लगातार विवाद करते हुए रिटायर्ड आईएएस को धक्का दे डाला। जिस पर आवेश में आए रिटायर्ड आईएएस ने कंडक्टर को थप्पड़ मार दी। जिसके बाद कंडक्टर ने रिटायर्ड आईएएस पर लात-घूसे बरसा डाले, जिससे उसकाे चोटें आईं हैं। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
इधर, मामला दर्ज होने तथा पीड़ित के मानवाधिकार आयोग से सेवानिवृत्ति की स्थिति काे भांपकर पुलिस आरोपी कंडक्टर की तलाश में जुट गई। मामले की जांच में जुटे अनुसंधान अधिकारी रामनिवास ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम सक्रिय है। शीघ्र ही उसे पकड़ लिया जाएगा। “रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी है।” – उदय सिंह यादव, थानाधिकारी, कानोता


