सतना जिले में ई-हाजिरी को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ओर जहां इसे शैक्षणिक अनुशासन के लिए आवश्यक बताया जा रहा है, वहीं कुछ शिक्षक इसे ‘बाध्यता और दखल’ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहरा क्रमांक-1 के शिक्षकों ने अपने प्राचार्य को एक धमकी भरा पत्र सौंपा है। पत्र में कहा गया है कि यदि उनका वेतन जारी नहीं हुआ और “घर में कोई अप्रिय घटना” होती है, तो इसके लिए आहरण-संवितरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सूत्रों के अनुसार, पत्र लिखने वाले अधिकांश शिक्षकों की भाषा और शैली एक जैसी पाई गई है, जिससे इसे सामूहिक दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है। नवंबर से नहीं मिली है सैलरी
इन शिक्षकों का नवंबर माह का वेतन ई-हाजिरी दर्ज न करने के कारण रोका गया था, जिससे वे नाराज हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने पत्र की भाषा को स्पष्ट रूप से धमकी पूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ई-हाजिरी कलेक्टर के निर्देशों के तहत अनिवार्य है और इसका पालन न करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। गलती सुधारकर ई-हाजिरी शुरू करने को कहा
हालांकि, संबंधित शिक्षकों को एक अंतिम अवसर दिया गया है। उनसे अपनी गलती सुधारकर ई-हाजिरी शुरू करने को कहा गया है। बिहरा प्राचार्य को भेजे गए पत्र के आधार पर ई-हाजिरी से इनकार और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग करने पर जिन शिक्षकों को चेतावनी दी गई है, उनमें अरविंद कुमार त्रिपाठी, प्रशांत कुमार द्विवेदी, वीरेन्द्र कुमार साकेत, प्रेमलाल मिश्रा, लक्ष्मी प्रसाद पांडेय, वृंदावन तिवारी, विमला सिंह, अच्छेलाल साकेत, ललिता सिंह, प्रदीप कुमार तिवारी, अनुज विश्वकर्मा, प्रभा त्रिपाठी, सुनीता सिंह, सुमन त्रिपाठी, सोमवती साकेत और रामदीन साकेत, द्रोपदी सिंह सहित अन्य शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-हाजिरी लागू रहेगी और वेतन का भुगतान इसी शर्त पर किया जाएगा।


