आरटीओ कॉन्स्टेबल रहे सौरभ शर्मा के करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की सारी परतें खुली भी नहीं हैं कि अब मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्स्टेबलों की करतूतें सामने आ गई हैं। दरअसल, क्राइम ब्रांच को राजधानी के स्पा सेंटर्स में देह व्यापार की पुख्ता जानकारी मिली थी। 10 दिन तक रेकी करने के बाद स्पा सेंटर्स पर छापा मार एक्शन किया गया। इस ऑपरेशन को सीधे भोपाल पुलिस कमिश्नर लीड कर रहे थे, लेकिन जब एक्शन शुरू हुआ तो 10 में से 6 स्पा बंद मिले। सिर्फ 4 स्पा पर ही कार्रवाई हो पाई। यानी जिस तरह की प्लानिंग थी उस हिसाब से ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया। इस एक्शन के तीन दिन बाद क्राइम ब्रांच ने तीन कॉन्स्टेबलों को सस्पेंड किया। कैसे कॉन्स्टेबलों ने क्राइम ब्रांच के एक्शन को फेल कर दिया?, लाइन अटैच कॉन्स्टेबल कैसे अपनी गर्लफ्रेंड की मदद से चला रहा था स्पा पार्लर? 4 स्पा सेंटर्स से जिन 68 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा, उन्हें सिर्फ नोटिस देकर क्यों छोड़ना पड़ा? मध्यप्रदेश में क्या है स्पा पॉलिसी, किस उम्र के युवा जा सकते हैं स्पा? पढ़िए रिपोर्ट… सेंटर्स की रेकी, 7 दिन में पूरे एक्शन की प्लानिंग
क्राइम ब्रांच को कुछ महीनों से लगातार स्पा सेंटर्स में गलत काम होने की शिकायतें मिल रहीं थी। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शिकायतों का पुलिंदा बढ़ गया तो पुलिस कमिश्नर ने एक्शन लेने का फैसला किया। इसकी जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच काे दी गई। जानकारी के आधार पर 10 दिन तक इन स्पा सेंटर्स की रेकी की गई। रैकी करने के बाद क्राइम ब्रांच ने 7 दिन में पूरे एक्शन की प्लानिंग की। इस प्लानिंग की जानकारी को बहुत गोपनीय रखा गया था, यहां तक की संबंधित थाना पुलिस को भी ऐन वक्त पर जानकारी दी गई कि उनके क्षेत्र में स्पा सेंटर पर रेड पड़ने वाली है। लोकल पुलिस के मिले होने का पहले से अंदेशा था
क्राइम ब्रांच को स्थानीय थाना पुलिस की स्पा संंचालकों से मिलीभगत का अंदेशा पहले से था। क्योंकि इसकी शिकायताें के बाद ही ये कार्रवाई की गई थी। क्राइम ब्रांच के रडार पर पहले से कुछ पुलिस कर्मी थे। लेकिन ऐसा अंदेशा नहीं था कि उनका ही एक कॉन्स्टेबल दलाली करते हुए पकड़ा जाएगा। रेड की जानकारी पुलिस के ही लोगों ने स्पा मालिकों को दी, जिससे पूरा ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया। 10 टीआई समेत पूरा थाना क्राइम ब्रांच के रडार पर
अब क्राइम ब्रांच ने भोपाल पुलिस के 10 से ज्यादा थानों के संदिग्ध टीआई समेत पूरे थाने के पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल रिपोर्ट मंगवाई है। अभी जो संदिग्ध स्पा सेंटर्स हैं, उनसे पुलिस के कनेक्शन पता करने के लिए वहां लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच कार्रवाई शुरू करने से पहले से संदिग्ध कर्मियाें की मॉनिटरिंग कर रहा था। इसी का परिणाम है कि लाइन पर तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया गया है। उसके खिलाफ सबूत मिले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम से भी जानकारी लीक करने को लेकर सवाल किए गए थे। इस पूरे ऑपरेशन को सीधे भोपाल पुलिस कमिश्नर देख रहे थे। 6 साल में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई
भोपाल में स्पा सेंटर्स पर पिछले 5-6 सालों में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई थी। इससे पहले नवंबर 2023 में मिसरोद थाना पुलिस ने कार्रवाई की थी, वह भी सिर्फ एक स्पा पर। इतने समय से स्थानीय थाना पुलिस के स्पा सेंटर्स पर कार्रवाई नहीं करने पर भी पुलिस पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। मानव तस्करी के एंगल पर भी जांच हो रही
5 जनवरी की कार्रवाई में पुलिस ने 35 युवतियाें को गिरफ्तार किया है। इनकी उम्र 19 से 30 साल के बीच है। इनमें कॉलेज स्टूडेंट से लेकर 2 बच्चों की मां भी शामिल है। पकड़ी गई लड़कियों में ज्यादातर नेपाल और नाॅर्थ ईस्ट की थी। कुछ मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों से आई हैं। क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन में लापरवाही बरती
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जो बड़े संदिग्ध इलाके थे, क्राइम ब्रांच को पहले वहां रेड करनी थी। जैसे आशिमा मॉल में 2 स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों की पुख्ता जानकारी थी। यहां धड़ल्ले से काम चल रहा है, लेकिन हम यहां इतना लेट पहुंचे कि तब तक यहां ताला लटक गया था। क्राइम ब्रांच छोटी मछलियां पकड़ने में समय गंवाती गई और इसका फायदा बड़ी मछलियां उठाकर निकल गईं। शाहपुरा, कमला नगर में बहुत गलत काम हो रहा था, जहां हम ज्यादा सफल नहीं हुए। हालांकि क्राइम ब्रांच के एसीपी मुख्तार कुरैशी ने भास्कर से कहा कि चार जगह अवैध गतिविधियां होती मिली और बाकी जगह वेरिफाई करने पर ऐसा कोई काम नहीं मिला। 300 से ज्यादा स्पा, ना कोई नियम न लिमिट
मध्यप्रदेश में स्पा खोलने और उसकी सेवाओं से जुड़ा कोई नियम नहीं है। नगर निगम की ओर से जारी साधारण गुमास्ता लाइसेंस पर शहर में 300 से ज्यादा स्पा चल रहे हैं। इनकी न तो कोई मॉनिटरिंग होती है, न ही इनके लिए कोई नियम कायदे बने हैं। जब 2023 में मिसरोद थाने ने स्पा सेंटर पर रेड की थी तो 17 साल का नाबालिग आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था। नियम कायदे न होने की स्थिति में पुलिस को कार्रवाई के दौरान पकडे़ लोगों को सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना पड़ा। मध्यप्रदेश में 18 साल से कम उम्र के बच्चे शराब और तंबाकू नहीं खरीद सकते, हुक्का बार के लिए सख्त कानून बने हैं, पर यहां किसी भी उम्र का शख्स बगैर रोक-टोक स्पा सेंटर आ-जा सकता है। गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर स्पा सेंटर चला रहा था
आरोपी कॉन्स्टेबल नरेंद्र गुर्जर की 2015 से 2019 तक बागसेवनिया थाने में ड्यूटी थी। इस दौरान उसकी थाना क्षेत्र में ही पार्लर चलाने वाली महिला से दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती गई। महिला शादीशुदा थी। इस समय बागसेवनिया थाना क्षेत्र में दो-तीन स्पा ही चलते थे। कुछ समय बाद महिला ने ब्यूटी पार्लर को स्पा पार्लर में बदल लिया। वहां स्पा या मसाज के अलावा आपत्तिजनक एक्टिविटीज भी शुरू हो गईं। स्पा सेंटर को पुलिस से बचाने का काम नरेंद्र ने किया। इस सारे काम के एवज में उसने स्पा सेंटर की कमाई में हिस्सेदारी ले ली। नरेंद्र और युवती दोनों शादीशुदा थे। लिहाजा इनकी दोस्ती और स्पा सेंटर के चर्चे पूरे थाने में फैल गए। इसके बाद दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे से दूरी बना ली। 2023 में आला अधिकारियों ने रेड करने को कहा
नवंबर 2023 में तत्कालीन जोन 2 कार्यालय की डीसीपी श्रद्धा तिवारी को आला अधिकारियों से मिसरोद थाना क्षेत्र के एक स्पा पर कार्रवाई करने का आदेश मिला। पिछले 5-6 सालों में भोपाल में स्पा सेंटर्स पर पहली कार्रवाई थी और वह भी सिर्फ एक स्पा सेंटर पर हुई थी। पुलिसकर्मी खुद ग्राहक बनकर स्पा पहुंचा था। स्पा सेंटर में देह व्यापार होने की पुष्टि के बाद पुलिस मौके पर पहुंची इसमें 7 लोगों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में स्पा संचालक एक युवक और संचालिका नरेंद्र की दोस्त युवती भी शामिल थी। इस कार्रवाई के बाद भी नरेंद्र का नाम सामने आया था। 2023 में भोपाल जोन 2 की डीसीपी रही श्रद्धा तिवारी ने कॉन्स्टेबल को स्पा में भूमिका होने के चलते लाइन अटैच कर दिया था। तब से नरेंद्र लाइन में तैनात था। इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- भोपाल में स्पा सेंटर्स की आड़ में सेक्स रैकेट भोपाल पुलिस ने शनिवार को राजधानी के स्पा सेंटर्स पर रेड कर 35 युवतियों और 33 युवकों को गिरफ्तार किया है। बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है। क्राइम ब्रांच समेत 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… भोपाल के स्पा सेंटरों में पकड़ी गई लड़कियां कौन? कुछ दिन पहले ही भोपाल पुलिस ने 10 टीमें बनाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे स्पा सेंटर्स पर छापा मारा था। इनमें से चार स्पा सेंटर्स में अनैतिक काम करते हुए युवक-युवतियों को रंगे हाथ पकड़ा, बाद में इन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया। दैनिक भास्कर ने स्पा सेंटर में काम करने वाली लड़कियों से बात कर उनकी मजबूरियों को जाना। पढ़ें पूरी खबर…


