ग्वालियर जिले के निरावली और आसपास के किसानों ने भूमाफियाओं द्वारा 200 साल पुराना रास्ता बंद करने के विरोध में इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। किसानों का आरोप है कि इस अवैध अतिक्रमण से उनका कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया। मामले की जानकारी मिलने पर संयुक्त कलेक्टर ने तत्काल क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। यह मामला ग्वालियर जिले के निरावली, मौजा बरौआ सहित एक दर्जन से अधिक गांवों से जुड़ा है। इन गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले 20 फीट चौड़े रास्ते पर कब्जे का आरोप है। किसानों ने बताया कि मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 131 के तहत यह रास्ता उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए दिया गया था। किसानों के अनुसार, भूमाफिया देवेंद्र गुप्ता और उनके साथियों ने इस मुख्य रास्ते पर बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा कर लिया है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। किसानों ने बताया कि छह महीने पहले भी इसकी शिकायत की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने कब्जा हटाया था। हालांकि, भूमाफियाओं ने दोबारा अतिक्रमण कर बाउंड्री खड़ी कर दी है। विरोध करने पर किसानों को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। पीड़ित किसान भूपेंद्र सिंह रावत ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, ‘साहब हम देश के अन्नदाता हैं, हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दीजिए।’ ग्वालियर के संयुक्त कलेक्टर सुरेश बरादिया ने किसानों की समस्या सुनने के बाद क्षेत्रीय अधिकारियों को तत्काल मौका मुआयना कर जांच करने और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि किसानों की पीड़ा को सुनने के बाद ज्वाइंट कलेक्टर सुरेश बरादिया ने तत्काल क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाएं और अवैध कब्जे की शिकायत की जांच करें, मौके पर यदि अतिक्रमण कर कब्जा पाया जाता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए किसानों के उपयोग का आम रास्ता खुलवाया जाए।


