पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों में खर्च सीमा को बढ़ा दिया गया है। चुनाव खर्च सीमा को दोगुना तक बढ़ा दिया है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने खर्च सीमा बढ़ाने की अलग अलग अधिसूचना जारी की है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार में इस्तेमाल वाहनों की संख्या से लेकर प्रचार पर कई तरह की पाबंदियां लगाई है। अब बड़े वाहनों और पशुओं से चलने वाली गाड़ी से चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। सरपंच के लिए चुनाव खर्च सीमा पहले 50 हजार थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया है। पंचायत समिति सदस्य की चुनाव खर्च सीमा को 75 हजार से बढ़कर 1.50 लाख और जिला परिषद सदस्य चुनाव की खर्च सीमा को 1.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक कर दिया है। नगर निकाय चुनाव में भी खर्च सीमा बढ़ाई है। नगर निगम पार्षद चुनाव में पहले खर्च सीमा 2.50 लाख रुपए थी, जिसे बढ़ाकर 3.50 लाख रुपए कर दी है। नगर परिषद पार्षद की चुनाव खर्च सीमा को 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख और नगर पालिका पार्षद की चुनाव खर्च सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई है। पंचायतीराज चुनाव में खर्च की सीमा नगर निकाय चुनाव में खर्च की सीमा 15 दिन में देना होगा चुनाव खर्च का ब्योरा उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकेंगे। चुनाव खर्च की सूचना 15 दिन में देना अनिवार्य होगा। चुनाव खर्च की सूचना 15 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी। चुनाव प्रचार में बस, ट्रक, मिनी बस, तांगा, ऊंट गाड़ी, बैलगाड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज और शहरी निकायों के उम्मीदवारों के लिए प्रचार में काम लिए जाने वाले वाहनों की सीमा तय करने के साथ बड़े वाहनों औ पशुओं से चलने वाली कार्ट के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है। उम्मीदवार चुनाव प्रचार में बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर और पशुओं से चलाई जाने वाली कोई भी कार्ट जैसे तांगा, ऊंट गाड़ी या बैलगाड़ी का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इनका उपयोग करने पर राज्य निर्वाचन आयोग कार्रवाई करेगा। सरपंच उम्मीदवार चुनाव प्रचार में केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेगा, एक से ज्यादा वाहन लगाया तो कार्रवाई चुनाव प्रचार में वाहनों की उपयोग की भी सीमा तय की है। जिला परिषद सदस्य उम्मीदवार के चुनाव में तीन से ज्यादा वाहनों का उपयोग नहीं कर सकेगा। पंचायत समिति मेंबर के चुनाव में दो वाहनों की सीमा तय की है। सरपंच के चुनाव में उम्मीदवार केवल एक वाहन ही चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर सकेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान काम में लिए जाने वाले वाहनों की पहले से सूचना रिटर्निंग ऑफिसर को दी जानी होगी। नगर निगम पार्षद उम्मीदवार चुनाव प्रचार में 3 से ज्यादा वाहन नहीं रख सकेंगे नगर निगम पार्षद के चुनाव प्रचार में तीन वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा, तीन से ज्यादा वाहन नहीं लगा सकेंगे। नगर परिषद पार्षद उम्मीदवार अधिकतम दो वाहन और नगर पालिका पार्षद उम्मीदवार पर एक वाहन की सीमा तय की गई है। इससे ज्यादा वाहन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उम्मीदवारों के कार्यालयों पर चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकरों के उपयोग पर पाबंदी निकाय औीर पनंचायती राज चुनाव के उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान अपने चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार नहीं कर सकेंगे। अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थल से 100 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर से चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही करना होगा। रैली निकालने से पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी होगी। ये भी पढ़ें… राजस्थान में 15 अप्रेल तक ही होंगे निकाय-पंचायत चुनाव:सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक की याचिका खारिज की; हाईकोर्ट के फैसले में दखल से इनकार किया राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल 2026 तक ही होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैंच ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। (पूरी खबर पढ़ें)


