विदिशा के अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि फीस जमा करने के लिए उनके पास राशि नहीं है, जिससे उन्हें परीक्षा में शामिल न हो पाने और शैक्षणिक वर्ष खराब होने की आशंका है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024-25 में प्रवेश लिया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा दस्तावेजों में उन्हें सत्र 2023-24 का छात्र दर्शाया गया है। इसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनकी छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं हो पा रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने छात्रवृत्ति के भरोसे ही प्रवेश लिया था, ताकि उसी राशि से फीस जमा कर सकें। अब छात्रवृत्ति नहीं मिलने से फीस भरना मुश्किल हो गया है। समय पर फीस जमा नहीं होने पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें परीक्षा से वंचित करने और पेनल्टी लगाने की बात कही जा रही है। फीस लेट होने पर परीक्षाओं में शामिल करने की मांग
डीएमएलटी पैरामेडिकल के छात्र अंकित अहिरवार ने बताया कि उनकी छात्रवृत्ति करीब 58 हजार रुपए आती है, जबकि फीस 56 हजार रुपए है। उन्होंने मार्च 2025 में प्रवेश लिया था, लेकिन रिकॉर्ड में सत्र 2023-24 दर्ज होने से उनकी छात्रवृत्ति अटक गई है। वहीं, छात्र अरविंद अहिरवार ने कहा कि पैरामेडिकल और एक्स-रे कोर्स के कई छात्र इस समस्या से जूझ रहे हैं। छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द उनकी छात्रवृत्ति जारी कराई जाए या फीस में राहत दी जाए, ताकि वे आगामी परीक्षाओं में शामिल हो सकें।


