भोपाल के कुल 1 लाख 16 हजार वोटर्स का 2003 की वोटर लिस्ट के हिसाब से रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे वोटर्स को मंगलवार से नोटिस देने की कार्रवाई शुरू हो गई है। आज से ही दावे-आपत्ति का दौर शुरू हो गया, जो अगले 1 महीने तक चलेगा। इस दौरान नए नाम जुड़ेंगे-हटेंगे तो संशोधन करने की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से 4 लाख 38 हजार नाम हटा दिए गए हैं। जिन वोटर्स को ‘नो मैपिंग’ के दायरे में शामिल किया गया, वे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सर्वे के दौरान 2003 की वोटर्स लिस्ट के अनुसार डेटा नहीं दे सके। अब उनसे अगले 50 दिन के अंदर रिकॉर्ड मांगा जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। इसके बाद 22 जनवरी तक बूथ लेवल ऑफिसर यानी, बीएलओ अपने-अपने बूथ पर बैठेंगे। इस दौरान वे नए फॉर्म 6, 7 और 8 प्राप्त करेंगे। एसआरआर में जिन मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ में रखा गया कि उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। 50 दिन के अंदर उन्हें अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा। कलेक्टर की मौजूदगी में मतदाता सूची का प्रारूप का प्रकाशन
भोपाल की सातों विधानसभा क्षेत्रों में 2289 मतदान केंद्रों पर निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन मंगलवार को किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षत में कलेक्टोरेट में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की प्रतियां सौंपी गई एवं एसआईआर के द्वितीय चरण दावा-आंपत्तियों की सुनवाई के संबंध में जानकारी दी गई। जिले के मतदाता प्रकाशित नामावली में मतदान केंद्र पर अपना नाम देख सकते है। प्रारूप प्रकाशित नामावली में जिले की सातों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 87 हजार 33 है, जो कि पूर्व में 27 अक्टूबर-25 की स्थिति में 21 लाख 25 हजार 908 थी। कुल 4 लाख 38 हजार 875 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। 3 स्लाइड के जरिए समझिए भोपाल में SIR का काम… 7 विधानसभा- चारों कैटेगिरी में गोविंदपुरा आगे, बैरसिया में सबसे कम


