शाजापुर में मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे जनसुनवाई के दौरान हंगामा हो गया। समस्याओं का समाधान न होने से नाराज बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हो गए और उन्होंने ‘जनसुनवाई बंद करो’ के नारे लगाए। तहसीलदार की समझाइश के बाद माने लोग नारेबाजी की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार नाहिद अंजुम मौके पर पहुंचीं। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को समझाकर स्थिति को शांत कराया। इस दौरान नगर पालिका के कुछ कांग्रेस पार्षद भी मौजूद थे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर नाराजगी व्यक्त की और प्रदर्शन में शामिल हुए। शासकीय भूमि पर अवैध नामांतरण की मिली शिकायत जनसुनवाई में पहला मामला ग्राम पोलायखुर्द, तहसील पोलायकला से संबंधित था। यहां शासकीय भूमि सर्वे नंबर 1396, रकबा 2.045 हेक्टेयर पर अवैध नामांतरण और अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, लालजीराम पिता कुमेर सिंह सहित अन्य लोगों ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से भूमि के कुछ हिस्सों को अपने नाम दर्ज करा लिया है। इस भूमि पर अनुसूचित जाति समाज का एक प्राचीन मंदिर और बच्चों का श्मशान घाट स्थित है। गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप ग्राम पंचायत ने यहां मांगलिक भवन निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया है, लेकिन आरोपी अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। शिकायत में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने अवैध नामांतरण को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उर्दू सहित अन्य शिक्षकों की नियुक्ति की मांग दूसरा मामला शाजापुर शहर के शासकीय उर्दू माध्यमिक स्कूल हरायपुरा (बड़ मैदान वार्ड क्रमांक-07) से जुड़ा था। शिकायत में बताया गया कि स्कूल में एक भी उर्दू शिक्षक पदस्थ नहीं है। यहां हिंदी प्राथमिक स्कूल भी संचालित हो रहा है, जिसमें केवल एक अतिथि शिक्षक दोनों स्कूलों का संचालन कर रहा है। इस संबंध में 11 नवंबर 2025 को ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने तत्काल उर्दू सहित अन्य शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की। फिलहाल दोनों मामलों को जनसुनवाई में दर्ज कर लिया गया है और प्रशासन द्वारा जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। संत शंकर गिरी पर दर्ज शिकायत का जताया विरोध पांडूखोरा गांव स्थित शिव मंदिर के संत पर नाबालिग से अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। 19 दिसंबर को पांचवीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने मंदिर के संत शंकर गिरी पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। परिजनों के साथ लालघाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने रेप का प्रकरण दर्ज कर संत शंकर गिरी को पुलिस हिरासत में लिया गया था। उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। ग्रामीण बोले-परिवार ने दर्ज कराया झूठा मुकदमा हालांकि, अब इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को पांडूखोरा गांव के ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि संत शंकर गिरी पर नाबालिग के परिवार की ओर से द्वेषपूर्ण भावना से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि संत शंकर गिरी लंबे समय से शिव मंदिर पर रहकर दर्शनार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहे थे, जिससे कुछ लोग नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन्हें मंदिर से हटाने के उद्देश्य से षड्यंत्रपूर्वक झूठे आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिल सके।


