सलूंबर में सुशासन सप्ताह के तहत मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी एस.के. सोलंकी ने की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर जिले में सुशासन स्थापित करने पर चर्चा की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में नवाचारों को बढ़ावा देना और अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना था। अपने संबोधन में सेवानिवृत्त आईएएस एस.के. सोलंकी ने कहा कि सुशासन (गुड गवर्नेंस) एक निरंतर विकसित होने वाला क्षेत्र है। उन्होंने जोर दिया कि आज जनता की उम्मीदें और तकनीकी चुनौतियां दोनों बढ़ गई हैं। ऐसे में, जो अधिकारी समय के साथ अपनी क्षमता का निर्माण नहीं करेंगे, वे प्रभावी परिणाम नहीं दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यों में लगने वाला लंबा समय अब स्वीकार्य नहीं है; आज त्वरित और सटीक समाधान की आवश्यकता है। एस.के. सोलंकी का प्रशासनिक अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने पूर्व में डूंगरपुर और सिरोही के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में भी प्रशासनिक सुशासन में योगदान दिया है। सोलंकी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि जिले में सुशासन स्थापित करने के लिए उन्हें अपनी ड्यूटी का अच्छी तरह से ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने सेवाओं की डिलीवरी ऐसी होनी चाहिए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने सुशासन के लिए पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, जवाबदेही, लोक सेवकों द्वारा भागीदारी, स्वाभाविक कार्य, निष्पक्षता और हितधारकों को साथ लेकर चलने की नेतृत्व क्षमता पर बल दिया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत संचालित ‘iGOT’ प्लेटफॉर्म के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कोर्सेज के माध्यम से निरंतर सीखते रहें। कलेक्टर ने कहा कि iGOT के कोर्सेज से अर्जित दक्षता और कौशल के माध्यम से ही धरातल पर बेहतर सुशासन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इन कोर्सेज का लाभ उठाने और अपने अधीनस्थों को भी इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।


