राजगढ़ कलेक्टर कार्यालय के मीटिंग हॉल में मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के तहत प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन, मतदाताओं की वर्तमान स्थिति और आगामी दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश के निर्देश पर आज (मंगलवार) जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। यह सूची जिले के 1,496 मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गई है, जिससे मतदाता अपने नाम, पता और अन्य विवरणों की जांच कर सकें। 64 हजार वोटर्स के नाम काटे
प्रारूप सूची के अनुसार, जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 11 लाख 13 हजार 754 मतदाता दर्ज हैं। 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में यह संख्या 11 लाख 78 हजार 113 थी, जो अब कम हुई है। बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत कुल 64,359 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इन नामों को मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या दोहरी प्रविष्टि जैसी श्रेणियों के कारण विलोपित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सेल्फ-मैपिंग और परिवार मैपिंग के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन भी किया गया है। जिन मतदाताओं को ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है, उन्हें संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने स्व-मैपिंग या परिवार मैपिंग में गलत या त्रुटिपूर्ण जानकारी दी है, उन्हें सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। इसी तरह, जिन मतदाताओं का नाम 27 अक्टूबर 2025 की सूची में था लेकिन 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारूप नामावली में शामिल नहीं है, वे भी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। इन सभी मामलों में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा पूरी जांच और सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


