अवाना बोले-निष्ठा-समर्पण से काम नहीं तो पार्टी का विस्तार नहीं:चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर किसानों के अधिकार और सशक्तिकरण पर मंथन

RLD के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना ने कहा कि जब तक संगठन के कार्यकर्ता निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से कार्य नहीं करेंगे, तब तक प्रदेश में पार्टी का अपेक्षित विस्तार संभव नहीं है। ये बात उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय किसान दिवस समारोह में कही। यह कार्यक्रम जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब सभागार में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता RLD राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना ने की। समारोह में किसानों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर सार्थक और विचारोत्तेजक चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में RLD के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी एवं भामाशाह विजय पूनिया मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि त्रिलोक त्यागी ने भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। ‘ग्रामीण भारत ही असली भारत है’ का नारा देकर देश को दी नई दिशा इस दौरान अपने संबोधन में त्रिलोक त्यागी ने कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह ने ‘ग्रामीण भारत ही असली भारत है’ का नारा देकर देश को नई दिशा दी। उनका मानना था कि देश का विकास खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है। त्यागी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों, मजदूरों और गरीबों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने सभी वर्गों और जातियों को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई। गांवों में शौचालय की आवश्यकता को सबसे पहले प्रमुखता से उठाया और काम के बदले अनाज जैसी योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि किसान हितों के लिए चौधरी चरण सिंह ने गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद का भी त्याग कर दिया, जो उनके सिद्धांतों और समर्पण को दर्शाता है। चौधरी चरण सिंह के ऐतिहासिक योगदान को किया याद RLD के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना ने बताया कि चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में यह आयोजन प्रदेशभर में सात दिनों तक सभी जिलों में किया जाएगा, ताकि उनके किसान हितैषी विचार जन-जन तक पहुंच सकें। कार्यक्रम में युवा नेता सुरजीत चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी चौधरी चरण सिंह के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी किसानों और ग्रामीण भारत के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

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