उज्जैन में अब महाकाल मंदिर के शिखर और महाकाल लोक के पूरे परिसर का लुत्फ श्रद्धालु रूफ टॉप कैफे से भी उठा सकेंगे। मंदिर परिसर से सटा सिंधियाकाल का महाराजबाड़ा अब हेरिटेज होटल में बदल चुका है। इसमें 19 कमरे होंगे। इस होटल के दो बड़े फायदे होंगे। पहला- होटल से सिर्फ 10 से 20 मीटर दूर महाकाल लोक का पूरा नजारा देख सकेंगे। दूसरा- यहां रुककर सुबह 4 बजे भस्म आरती में शामिल हो सकेंगे। अभी महाकाल परिसर या आसपास रुकने की व्यवस्था नहीं है। इससे भस्म आरती के लिए रात से ही इंतजार करना पड़ता है। खासतौर पर वीवीआईपी के लिए तैयार इस होटल का किराया तय नहीं है, लेकिन 1 रात रुकने के लिए कम से कम 50 हजार रु. तक का भुगतान करना पड़ सकता है। पर्यटन निगम के एमडी इलैयाराजा टी ने बताया कि होटल के जल्द उद्घाटन की तैयारी है। अब यहीं पर रुककर सुबह 4 बजे भस्म आरती में जा सकेंगे पूरी तरह लग्जरी…. स्टील और कांच से बना कैफे, पोर्टेबल भी


