जयपुर में पुलिस ने चोरों को चोरी करते पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया। इसके बाद रविवार सुबह बैटरी चोरी की सूचना पर कानोता थाने से दूसरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वारदातस्थल पर लगे CCTV फुटेज में चेतक में तैनात पुलिसकर्मियों की करतूत कैद मिली। मामला सामने आने पर तुरंत दोनों बदमाशों को राउंडअप कर वारदात में यूज ऑटोरिक्शा को थाने लाया गया। घटना कानोता थाने की है। कानोता के जामडोली निवासी कमलेश शर्मा की दो मैरिज गाड़ी की बैटरी शनिवार रात को चोरी हो गई। रविवार सुबह करीब 4 बजे कमलेश ने मैजिक को स्टार्ट करने की कोशिश की। स्टार्ट नहीं होने पर चेक करने पर बैटरी गायब मिली। पास ही खड़ी दूसरी मैजिक की बैटरी देखने पर गायब मिली। कमलेश शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम को बैटरी चोरी की शिकायत दी। चोरी की सूचना पर कानोता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। CCTV में कैद हुई करतूत पीड़ित कमलेश शर्मा ने बताया- वारदातस्थल के पास लगे CCTV फुटेज देखने पर बैटरी चोरों की करतूत कैद मिली। रात करीब 12 बजे दो बदमाश ऑटोरिक्शा में सवार होकर आए। मैजिक के पास ऑटोरिक्शा खड़ा कर उसकी आड़ में बैटरी खोलकर चोरी कर ली। उसके बाद दूसरे मैजिक की बैटरी को खोलकर चुरा लिया। इसी दौरान पुलिस चेतक को आते देखकर एक बदमाश गाड़ियों के पीछे छिप गया। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने ऑटोरिक्शा के पास खड़े लड़के को पकड़ गाड़ियों के पीछे छिपे साथी को भी पकड़ लिया। बातचीत कर चोरों को छोड़ा
पीड़ित ने बताया- चेतक में सवार दोनों पुलिसकर्मियों ने दोनों चोरों को पकड़ लिया। इनके पास से मैजिक गाड़ी से चुराई दोनों बैटरिया मिली। पुलिसकर्मियों ने चुराई बैटरी के साथ दोनों चोरों को पकड़ चेतक में बैठा लिया। कुछ देर बातचीत के बाद दोनों चोरों को चेतक से उतारकर छोड़ दिया। उसके पास मिली बैटरी भी खुद के पास ही रख ली। पता था फुटेज में कैद हो गए दोनों चोरों को छोड़ने के बाद चेतक सवार पुलिसकर्मियों ने इधर-उधर देखा। इस बारे में किसी को पता नहीं होने की सोचकर राहत की सांस ली। कुछ देर बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने आस-पास लगे CCTV लगे होने की जांच की। इस दौरान उन्हें एक CCTV लगा दिखाई दिया। CCTV में उनकी करतूत कैद होने के बारे में भी पता था। कुछ देर बाद दोनों फुटेज के बारे में बातचीत कर चेतक में बैठकर चले गए। मामला खुला तो पकड़ने भागे रविवार सुबह CCTV फुटेज खंगालने पर चेतक सवार पुलिसकर्मियों की करतूत का खुलासा हुआ। चेतक में तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से चोरों को पकड़ने के बाद छोड़ने पर सवाल खड़े हो गए। चोरों से पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का आरोप लगने लगे। मामले का खुलासा होने पर तुरंत पुलिस की एक टीम को बैटरी चोर पकड़ने के लिए भेजा गया। रविवार शाम दोनों चोरों को पुलिस ने राउंडअप कर उनका ऑटोरिक्शा भी पकड़ लिया। 15 दिन पहले लगाए थे कैमरे पीड़ित कमलेश शर्मा का कहना है कि नवंबर में पिकअप व मैजिक की बैटरियां चोरी हो गई थी। 15 दिसंबर को फिर बैटरियां चोरी हो गई। परेशान होकर 15 दिन पहले ही CCTV लगवाए। तीसरी बार बैटरी चोरों की करतूत फुटेज में कैद हो गई। यदि कैमरे नहीं लगाए होते तो तीसरी बार भी बैटरी चोरों का पता नहीं चल पाता। पुलिस बोली- पुलिसकर्मियों को बैटरी नहीं मिली थी एसएचओ उदय सिंह यादव का कहना है- प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि चेतक में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों को इनके चोर होने का पता नहीं था। उस समय पुलिसकर्मियों को बैटरी भी नहीं मिली थी। ऑटोरिक्शा ड्राइवर के लोकल होने के कारण चोर होने का डाउट नहीं गया। उनके नाम-पते और मोबाइल नंबर लेकर दोनों को छोड़ा था। अगले दिन बैटरी चोरी का पता चलने पर उसी आधार पर तुंरत कार्रवाई की गई। पुलिस ने चोरी के मामले में आरोपी राजेन्द्र शर्मा पुत्र कल्याण सहाय निवासी रामगढ़ मोड़ को अरेस्ट कर ऑटोरिक्शा को जब्त किया। चोरी में शामिल दूसरे बदमाश को जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा।


