बीकानेर के नोखा में मां को मुखाग्नि देते समय बेटे की भी मौत हो गई। मां की जलती चिता देखकर बेटे को हार्टअटैक आ गया। वहीं श्मशान में ही बेहोश होकर गिर पड़े। लोग हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना सोमवार की है। मंगलवार को बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। लगातार दो मौतों से परिवार में दुखों का पहाड़ टूट गया है। मां की चिता जल रही थी, बेहोश होकर गिरा बेटा
देशनोक निवासी मनीष मोदी ने बताया- मेरी ताईजी तारा देवी खत्री (88) पत्नी भवानी शंकर का 21 दिसंबर की रात निधन हो गया था। सोमवार को नोखा के श्मशान घाट में दोपहर करीब 1 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। तारा देवी के बड़े बेटे सुभाष चंद्र (67) अंतिम संस्कार की रस्में कर रहे थे। चिता जलते ही वह बेहोश होकर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नोखा हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक से सुभाष की मौत हुई है। जलदाय विभाग से रिटायर्ड थे सुभाष चंद्र दो दिन के अंतराल में मां और बेटे के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक सुभाष चंद्र खत्री जलदाय विभाग में सहायक कर्मचारी पद से रिटायर हुए थे। मंगलवार दोपहर 1 बजे को उनका नोखा के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। खत्री परिवार फिलहाल नोखा में रह रहा था। सुभाष के परिवार में पत्नी राजू मोदी, भाई श्री कृष्ण, बेटे धीरज-मयंक, पोता युविन हैं। सुभाष के दोनों बेटे बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।


