बालक येसु चरनी में नहीं, हमारे हृदयों में जन्म लेना चाहता हैं : एलिस रांची | क्रिसमस केवल परंपरा या उत्सव नहीं, बल्कि परमेश्वर के अनुग्रह और प्रेम की जीवित घोषणा है। अनंत परमेश्वर ने मानव इतिहास में प्रवेश किया, ताकि जो खोए हुए थे वे उद्धार पाएं। वचन देह बना और हमारे बीच में वास किया (यूहन्ना 1:14)—यह स्वर्ग का सबसे बड़ा उपहार है। यशायाह ने भविष्यवाणी की थी, जो लोग अंधकार में चलते थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा (यशायाह 9:2)। यीशु मसीह का जन्म पाप, भय और निराशा के अंधकार में आशा की ज्योति बनकर हुआ। उसने राजसी महलों को नहीं, बल्कि एक साधारण चरनी को चुना, ताकि यह प्रकट हो कि परमेश्वर का राज्य घमंड और दिखावे में नहीं, बल्कि नम्रता और आज्ञाकारिता में प्रकट होता है (फिलिप्पियों 2:7)। स्वर्गदूतों का यह संदेश आज भी गूंजता है, परमप्रधान परमेश्वर की महिमा हो, और पृथ्वी पर शांति (लूका 2:14)। यह शांति संसार की नहीं, बल्कि वह शांति है जो मनुष्य को परमेश्वर से जोड़ती है और टूटे हुए जीवनों को नया बनाती है। क्रिसमस हर राज्यवासी को बुलाता है: “मन फिराओ, क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है (मत्ती 4:17)। मसीह केवल चरनी में नहीं, बल्कि हमारे हृदयों में जन्म लेना चाहता है। वह हमारे जीवन का राजा बनना चाहता है।
चरनी की खूब हुई खरीदारी : क्रिसमस के त्योहार में चरनी का भी विशेष महत्व है। प्रभु येसु के जन्मोत्सव की झांकी चरनी में दर्शाते हैं। 300 रुपए से शुरू होकर 1200 रुपए तक के चरनी उपलब्ध है, जो कि छोटे से लेकर बड़े साइज में मिल रहे हैं। चरनी में रखने के लिए बालक येसु के अलावा मां मरियम, जोसेफ, गडेरिए, ज्योतिषि व भेड़ बकरी कई छोटी-छोटी प्रतीकात्मक मूर्ति अलग-अलग से बिक रही है। इसके अलावा सजी सजाई चरनी भी लोग खरीदते नजर आए। चरनी में सजाने वाले सामान 150-1500 रुपए तक में बिक रहा है। एलिस बाखला, भूतपूर्व युवा संघ उपाध्यक्ष, रांची महाधर्मप्रांत स्नो ट्री की मांग ज्यादा : क्रिसमस पर लोग अपने घरों के साथ ऑफिस में क्रिसमस ट्री सजाते हैं। बच्चों में इसका खास उत्साह देखा जाता है। इसी कारण बाजार में कृत्रिम क्रिसमस ट्री हर डिजाइन और आकार में बिक रहे हैं। सामान्य, थाइवान, प्लेन पाइन, स्नो पाइन, स्नो लिफ चेरी, फैसी, चेरी स्नो, लाइट, रनो आइस, रेड और व्हाइट क्रिसमस ट्री उपलब्ध हैं। 5 इंच से लेकर 12 फीट तक के क्रिसमस ट्री बाजार में मिल रहे है, जिनकी कीमत 100 रुपए से 12000 रुपए तक है। सबसे ज्यादा मांग चार से आठ फीट वाले फैंसी क्रिसमस ट्री की है। क्रिसमस को लेकर शहर के बाजार गुलजार हैं। ईसाई समाज के लोग खरीदारी मेंे व्यस्त हैं। इस बार बाजार में रिमोट से चलने वाले हर साइज के सांता क्लॉज उपलब्ध हैं, जो रिमोट दबाने पर बोलते हैं मेरी क्रिसमस। वहीं, बाजार में गिफ्ट्स की काफी वेरायटी देखने को मिल रही है। बच्चे इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। लिहाजा लोग इसे हाथों हाथ ले रहे हैं। इसके अलावा क्रिसमस ट्री, बेल, बॉल, सांता क्लॉज, रेंडियर, टेंसिल आदि डेकोरेटिव आइटम भी शामिल हैं। पुरुलिया रोड, चर्च कॉम्प्लेक्स, बहुबाजार, डोरंडा, हिनू, अपर बाजार समेत कई इलाकों में क्रिसमस से जुड़े सामान की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पुरुलिया रोड स्थित दुकानदार बताते हैं पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी कुछ नए और फैंसी आइटम्स मंगाए हैं। उन्होंने बताया क्रिसमस मार्केट में पहली बार रेनडियर के तौर पर एनीमल टॉय व निमंत्रण कार्ड जो कि चरनी की तरह खुलता है उपलब्ध है। इसके साथ साथ कैंडल लाइट्स और बेल्स पर भी एक्सपेरिमेंट की गई है। दैनिक भास्कर, रांची, बुधवार, 24 दिसंबर, 2025


